हथियार डिपो में आग: लोगों ने मंदिर में बचाई जान, 5Km दूर से दिख रहे थे धमाके

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पुलगांव (महाराष्ट्र).यहां के हथियार डिपो में आग लगने के बाद गांव वाले जान बचाने के लिए एक मंदिर में चले गए थे। ग्रामीणों का ये भी कहना है कि धमाके 5 किमी दूर से दिख रहे थे। पुलगांव का सेंट्रल एम्युनिशन डिपो एशिया का सबसे बड़ा गोला-बारूद का डिपो बताया जा रहा है। हादसे में 2 अफसरों समेत 20 की मौत हो गई थी।
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– आगरगांव के 20 साल के आकाश पेंड्रे के मुताबिक, ‘धमाकों से हमारा पूरा घर हिल रहा था। इसके चलते कई लोग पास के मंदिर में चले गए।’
– आकाश ये भी बताते हैं, ‘धमाके इतनी तेज थे कि मंदिर भी बुरी तरह हिल रहा था। मंदिर का प्लास्टर भी उखड़ने लगा।’
– ‘धमाकों से मंदिर की दीवारों के कांच भी टूट गए।’
– ग्रामीणों का कहना है कि धमाकों की गूंज और लपटें 5 किमी दूर से दिखाई दे रही थीं।
– बता दें कि गोला-बारूद के एम्युनिशन में सोमवार रात 2 बजे के करीब आग लगी थी।
– डिपो 7 हजार एकड़ में फैला है।
– आग लगने के बाद पास के जिन गांवों को खाली कराया गया था, उनमें आगरगांव भी था।
शाम को लोग घर लौटे लेकिन सोए नहीं
– एक अन्य ग्रामीण विश्वेश्वर कोकांडे के मुताबिक, ‘धमाकों के बाद लोग बुरी तरह डर गए थे।’
– ‘हम लोग शाम को लौट तो आए लेकिन सोए नहीं। देर रात तक घरों के बाहर रहकर हालात का जायजा लेते रहे।’
– कोकांडे की पत्नी ने बताया, ‘धमाकों से घर के जानवर भी बुरी तरह डर गए थे।’
पुलगांव पहुंचे थे पर्रिकर
– मंगलवार को पुलगांव पहुंचे डिफेंस मिनिस्टर मनोहर पर्रिकर ने कहा, ‘एम्युनिशन में गड़बड़ी की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच में सबकुछ सामने आ जाएगा।’
– आग के कारणों का पता लगाने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बना दी गई है।
– आर्मी चीफ दलबीर सिंह सुहाग भी मौके पर पहुंचे थे।
– डिपो में लगी को बुझाने की कोशिश में जिन दो अफसरों की जान चली गई, उनमें लेफ्टिनेंट कर्नल आरएस पवार और मेजर मनोज शामिल हैं।
28 किमी इलाके में फैला है डिपो का कैम्पस
– पुलगांव का सेंट्रल एम्युनिशन डिपो 28 किमी इलाके में फैला है।
– इसकी सिक्युरिटी का जिम्मा डिफेंस सिक्युरिटी कोर (DSC) के पास होता है।
– मेन डिपो में आग लगने के बाद 15 किमी के दायरे में आने वाले गांवों को खाली करा लिया गया।

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