देश में पहली बार TWITTER पर शिकायतें सुनेगी पुलिस: @Uppolice को भेजें कम्प्लेंट, 5 मिनट में 15 लोगों की टीम करेगी मदद

Lucknow
लखनऊ. देश में पहली बार यूपी पुलिस घर बैठे ट्विटर के जरिए कम्प्लेंट करने और 5 मिनट में प्राइमरी मदद की सर्विस देगी। गुरुवार शाम ट्विटर के एशिया के वाइस प्रेसिडेंट ऋषि जेटली और यूपी के डीजीपी जावीद अहमद ने इसे लॉन्च कि‍या। फायदा यह होगा कि‍ यूपी के किसी भी एरिया से की गई कम्प्‍लेन पर एक छोटे से हॉल में बैठी 15 लोगों की टीम 5 मिनट के अंदर कार्रवाई करेगी।dainikbhaskar.comयूपी पुलिस हेडक्वार्टर में बने ट्विटर की इस सर्विस के पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंचा और वहां 2 घंटे रहकर समझा कि‍ ट्विटर पर कम्प्लेंट से लेकर आप के पास मदद पहुंचने तक कैसे काम करेगा ये पूरा सिस्टम..
Step 1: ट्विटर पर @Uppoliceको टैग कर कम्‍प्‍लेंट पोस्‍ट करनी होगी
– यूपी पुलिस के लिए इस सर्विस को हेड कर रहे राहुल श्रीवास्‍तव ने बताया कि पहले यूजर को अपने ट्विटर अकाउंट से यूपी पुलिस को टैग करते हुए अपनी प्रॉब्लम ट्वीट करनी होगी।
– फिर तुरंत एक कम्‍प्‍लेंट नंबर जेनरेट हो जाएगा। ट्वीट पोस्‍ट करने वाले यूजर को भी ये नंबर रिप्‍लाई के तहत मिल जाएगा।
– टीम दो मिनट के अंदर संबंधित जिले के एसपी को यह ट्वीट फॉरवर्ड करेगी।
– टीम में टोटल 15 लोग हैं। इनमें से हर एक को 5 जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
– यह एक्‍शन ट्विटर के ‘टिकट’ टूल के जरिए किया जाएगा।
Step 2: एसपी संबंधित थाने को इन्फॉर्म करेगा
– यूपी पुलिस टीम जैसे ही संबंधित जिले के एसपी को ट्वीट फॉरवर्ड करेगी। एसपी तुरंत जिम्‍मेदार थाने को इन्फॉर्म करेगा।
– थानाध्‍यक्ष फौरन इस मामले को खुद देखेंगे और घटना वाली जगह पर पुलिस पहुंचेगी।
– घटनास्‍थल से वह थानेदार को सूचना देगी और थानेदार उसे एसपी को बताएंगे।
Step 3: एसपी वापस यूपी पुलिस को अपडेट देगा
– संबंधित थाने से अपडेट मिलते ही एसपी इस बारे में यूपी पुलिस और कम्प्लेनर को अपडेट देगा।
– कम्प्‍लेंट करने वाले का फीडबैक भी लिया जाएगा।
क्लोन से पता चलेगा कौन कर रहा है लापरवाही
– कम्प्‍लेंट नंबर जेनरेट होने के साथ ही कम्प्‍लेंट का एक क्‍लोन भी क्रिएट हो जाएगा।
– यह क्‍लोन यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल के सर्वर में सेव होगा।
– मदद में देरी या लापरवाही होने पर इसके जरिए यूपी पुलिस ट्विटर कंट्रोल रूम से एसपी को री-ट्वीट करके एक्‍सप्‍लेनेशन मांगा जाएगा।
– इस पूरी प्रॉसेस में 2 मिनट में पहला रिस्पांस और 5 मिनट में प्राइमरी मदद दी जानी है।

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