उरी में मारे गए आतंकी की फोटो सामने आई है। फोटो न्यूज एजेंसी ANI ने जारी की है।

#UriAttack: 4 आतंकियों ने 105 मिनट रेकी की, फिर दागे 17 ग्रेनेड; 19 साल के जवान ने सबसे पहले संभाला था मोर्चा

Kashmir
नई दिल्ली. पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने कश्मीर में आर्मी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। आर्मी के उरी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर रविवार तड़के हुए इस हमले में 17 जवान शहीद हो गए। इनमें से 13 की मौत टेंट में लगी आग से जिंदा जलने से हुई। मौके पर मौजूद एक जवान के मुताबिक, आतंकी तड़के 3.30 बजे कैंप की पिछली दीवार से घुसे। 105 मिनट तक नाइट विजन से कैंप का जायजा लिया। फिर सुबह 5.15 बजे फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे निहत्थे जवानों पर धावा बोल दिया। 3 मिनट में 17 ग्रेनेड दागे। 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई…
– इस हमले से 150 मीटर इलाके में फैले टेंट और बैरकों में आग लग गई।
– वहां मौजूद 19 साल के डोगरा रेजिमेंट के जवान ने एक आतंकी को मार गिराया। बाकी तीन बुरी तरह जख्मी थे। उस जवान के हेल्मेट पर भी गोली लग चुकी थी। उसे साथी जवानों ने बाहर निकाला।
– आर्मी बेस के अंदर डीजल टैंक में धमाका होते ही आतंकवादी अलग-अलग होकर बैरकों में घुस गए।
– बैरक खाली थे। आतंकी वहां दूसरे फ्लोर तक पहुंच गए। बाद में हेलिकॉप्टर से पहुंचाए गए 4 पैरा कमांडो ने तीन आतंकियों को मार गिराया।
जंग की तैयारी से आए थे आतंकी
– डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन ले. जनरल रणबीर सिंह ने बताया कि आतंकवादी जंग जैसी तैयारी करके आए थे।
– ”उनके पास चार एके-47, चार अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर और भारी मात्रा में गोला-बारूद मिला है। उनके पास आग लगाने वाले हथियार भी थे।”
– कैंप से छह किलोमीटर दूर झेलम से लगते सलामाबाद नाले से आतंकी दाखिल हुए थे।
एेसे किया हमला
– 3.30 बजे (तड़के):
उरी में 10वीं इन्फ्रेंट्री ब्रिगेड हेडक्वार्टर की पिछली दीवार से सटे नाले के रास्ते से चार आतंकी कैंप के भीतर दाखिल हुए।
– 5.15 बजेः फ्यूल टैंक से डीजल भर रहे सेना के जवानों पर हमला किया। 150 मीटर इलाके में मौजूद टेंट और बैरकों में आग लग गई।
– 5.19 बजे: सेना की ओर से जवाबी हमला शुरू हुआ। एक आतंकी मौके पर ही ढेर। तीन आतंकियों ने खाली बैरकों में पोजिशन ली।
– 7.12 बजे: पैरा कमांडो मौके पर बुलाए गए। उन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए मौके पर पहुंचाया गया।
– 7.45 बजे: कमांडो ने 3 आतंकियों को ढेर कर दिया।
– 8.30 बजे: मिशन पूरा हुआ।
जब हमला हुआ तब कैंप में 3500 से 4000 जवान और अफसर मौजूद थे
– हमले के वक्त कैंप में 3500 से 4000 जवान मौजूद थे।
– आर्मी में लंगर 2.30 बजे काम करना शुरू कर देता है। कुक और बाकी जवान, जिनकी खाना बनाने की ड्यूटी थी, वो लंगर में काम कर रहे थे। उनके अलावा कुछ जवान सोए हुए थे।
– हमले के बाद आग और गोलीबारी की आवाज सुन सब मौके पर भागे।
जवानों के रिप्लेसमेंट की इन्फॉर्मेशन लीक होने की आशंका
– कैंप में 10 डोगरा रेजीमेंट के जवानों को रिलीव किया जा रहा था। उनकी जगह 6 बिहार रेजीमेंट के जवान भेजे जा रहे थे।
– ऐसा माना जा रहा है कि आतंकियों को पहले से ही तैनाती बदलने के बारे में पता था।
– इस दौरान आने वाले फौजी हालात समझ रहे होते हैं, जबकि जाने वालों का ध्यान अपनी रिप्लेसमेंट पर रहता है।
– आशंका है कि बेस से किसी ने यह इन्फॉर्मेशन आतंकियों तक भी पहुंचाई।

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