बरेली से मुरादाबाद के बीच टेल्गो का ट्रायल जारी, 170-220 किमी/घंटा रहेगी स्पीड

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बरेली. देश की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन टेल्गो का ट्रायल रविवार को शुरू हुआ। जानकारी के मुताबिक, यह ट्रायल रविवार शाम तक जारी रह सकता है। इस दौरान तीन से चार राउंड लिए जाएंगे। रविवार सुबह यह ट्रेन बरेली जंक्‍शन के प्‍लैटफॉर्म नंबर 2 से मुरादाबाद के लि‍ए रवाना हुई। बरेली से मुरादाबाद जाने में स्‍पीड 115 कि‍मी प्रति‍ घंटा की रही। बताया जा रहा है कि‍ इस दौरान इसकी स्‍पीड 170 से 220 किमी/घंटा जांची जा रही है।
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– रेल अफसरों के मुताबिक, स्पेन की टेल्गो ट्रेन का ट्रायल बरेली जंक्शन से मुरादाबाद तक हो रहा है।
– नौ कोचों वाली ट्रेन में एक पावर कार, एक डायनिंग कार और अन्य पैसेंजर कोच हैं।
– भारतीय कोचों की तुलना में टेल्गो के कोच काफी हल्के हैं। एक कोच का वजन बीस टन है, जबकि भारतीय कोच 40 टन वजनी होता है।
– स्‍पीड की जांच के दौरान ट्रेन के कोचों में हर सीट पर आदमी की जगह 50-50 किलो की रेत भरी बोरियों रखवाई गई हैं।
– ट्रायल के दौरान टेल्गो में आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एवं स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन) की टीम, स्पेनिश टीम, भारतीय रीजन के टेल्गो ट्रेन डायरेक्टर और आरपीएफ की टीम मौजूद हैं।
ट्रायल से पहले हुई मीटिंग
– ट्रायल से पहले शनिवार को इज्जतनगर कारखाना में नॉर्थ-ईस्ट रेलवे के जीएम राजीव मिश्रा और सीएमई ने स्पेनिश और आरडीएसओ टीम के साथ बैठक की।
– प्रोजेक्टर के जरिए टेल्गो कोचों की खासियत को देखा और समझा। भारतीय ट्रैक पर टेल्गो कितनी सेफ रहेगी, इसके बारे में स्पेनिश टीम के साथ बात की।
– नॉर्थ रेलवे मुरादाबाद के अफसरों ने बरेली जंक्शन पर अफसरों की टेल्गो ट्रायल के बारे में मीटिंग बुलाई।
– करीब डेढ़ घंटे तक तक सीनियर डिवीजनल मेकैनिकल इंजीनियर जितेंद्र सिंह ने जंक्शन के अफसरों से टेल्गो ट्रायल पर बात की।
सेंसर ट्रायल में 60 कि‍मी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी टेल्गो
– टेल्गो ट्रेन के कोचों की असेंबलिंग के बाद शुक्रवार को सेंसर और ट्रैक ट्रायल हुआ, इसमें इज्जतनगर से देवरनिया तक गाड़ी को 60 कि‍मी प्रति‍ घंटा की रफ्तार से दौड़ाकर देखा गया था।
– भोजीपुरा रेलखंड पर ट्रायल के समय आरडीएसओ की टीम, टेल्गो के भारतीय रीजन के डायरेक्टर और स्पेनिश टीम के इंजीनियर मौजदू रहे।
– शुक्रवार को करीब ढाई बजे टेल्गो को कारखाना से बाहर निकाला गया। भारतीय इंजन डब्ल्यूडीपी-4 से टेल्गो चलाई गई।
– सेंसर ट्रायल में स्पीड, कंपन, ऑटोमेटिक डोर क्लोजिंग, ट्रैक पर झटका, ब्रेकिंग, हाइड्रोलिक सिस्टम की टेस्टिंग की गई। ताकि इससे स्पीड या फील्ड ट्रायल के समय कोई दिक्कत न आ।
भारतीय रेल से अलग है टेल्‍गो
– टेल्गो के कोच भारतीय रेल से अलग हैं।
– जब टेल्गो में भारतीय इंजन को जोड़ा गया तो सभी कोच ट्रैक से एक से डेढ़ फीट ऊपर उठ गए।
– हालांकि इससे कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि सभी कोच हाईड्रोलिक हैं, जिसे सुविधानुसार ऊंचा या नीचा किया जा सकता है।
– भारतीय रेल कोच में चार पहिए होते हैं, जबकि टेल्गो के एक कोच में दो ही पहिए हैं। सभी कोचों के ऊपर के हिस्से को एक मोटी रॉड से जोड़ दिया जाता है।
– ऐसे नौ कोच लगे हैं, अंदर से एक लंबा कोच नजर आता है।
तीन मेन ट्रायल होंगे
– ट्रेन के 3 मुख्‍य ट्रायल होंगे। पहला ट्रायल बरेली से मुरादाबाद के बीच 29 मई को हो रहा है।
– इसके बाद दूसरा ट्रायल मथुरा-पलवल के बीच होगा।
– तीसरा और आखिरी ट्रायल दिल्‍ली और मुंबई के बीच होगा।
– ट्रायल के दौरान स्‍पीड 250 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाई जाएगी।

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