MP-MLA बनना चाहता था मथुरा का ये मास्टरमाइंड, सरकार से मिलती थी पेंशन

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लखनऊ.मथुरा के जवाहर बाग में सत्याग्रहियों का नेता रामवृक्ष यादव गाजीपुर जि‍ले का रहने वाला है। उसे गांव छोड़े करीब 15 साल हो गए, लेकिन 3 साल से उसने गांव से अपना नाता पूरी तरह से तोड़ लिया है। मीसा (लोकतंत्र रक्षक सेनानी) के बंदी होने के चलते सपा सरकार उसे 15 हजार रुपए महीना पेंशन देती है। वह एक बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव भी लड़ चुका है।
जानें कैसे बढ़ी थी जयगुरुदेव से दूरी
– गांव के रहने वाले रमाकांत यादव ने बताया, रामवृक्ष शुरू से जय गुरूदेव से प्रभावि‍त था।
– 1976 में वह जयगुरु देव का शिष्य बना। उसके बाद अपना पूरा जीवन उनके लिए समर्पित कर दिया।
– एक बैठक के दौरान जय गुरुदेव ने रामवृक्ष की पोशाक उतरवाकर बोरे में भर दी थी।
– उस घटना के बाद दोनों में दूरियां बढ़ गईं।
– तभी से वह सफेद धोती कुर्ता पहनने लगा।
लड़ चुका है लोकसभा-विधानसभा का चुनाव
– 1984 के लोकसभा चुनाव में रामवृक्ष निर्दलीय कैंडिडेट के रूप में उतरा था, लेकिन हार गया। उस समय उसे 3034 वोट मिले थे।
– इसके बाद दूरदर्शी पार्टी से गाजीपुर के जहूराबाद से विधान सभा का चुनाव लड़ा, लेकिन यहां भी हार का सामना करना पड़ा।
– रामवृक्ष यादव ने स्वाधीन भारत नाम का राजनीतिक संगठन बनाया था।

कई साल पहले छोड़ चुका है गांव
– मरदह थाना प्रभारी के मुताबिक,
– वहीं, गाजीपुर पुलिस अधीक्षक राम किशोर वर्मा के मुताबिक, रामवृक्ष कई साल से जिले से गायब है।
– 2 साल से वह अपने परिवार के साथ मथुरा में रह रहा था।

तीन भाईयों में सबसे बडा है रामवृक्ष यादव
– रामवृक्ष यादव गाजीपुर जि‍ले के मरदह थानांतर्गत ग्राम रायपुर बाघपुर मठि‍या पुरवा का रहने वाला है।
– रामवृक्ष यादव के तीन भाई हैं। दूसरे नंबर के भाई लालधनी यादव पीएससी में नौकरी करते थे, जि‍नकी मौत हो चुकी है।
– 15 साल पहले रामवृक्ष ने गांव छोड़ दिया था, गांव में उसका एक कच्‍चा मकान है।
– रामवृक्ष पत्नी कलावती, बेटी गुड़िया और बड़े बेटे राजनारायण के साथ मथुरा में रहते हैं।
– वहीं, छोटा बेटा दिल्ली में प्रशासनिक नौकरी की तैयारी करता है।

गांव में है कच्‍चा मकान, जमीन पड़ी है बंजर
– गांव के प्रधान शिवनारायण यादव बताते हैं कि पुश्तैनी जमीन के नाम पर 7 से 8 बीघा जमीन है।
– रामवृक्ष के गांव छोड़ देने की वजह से इनके हि‍स्‍से का मकान कच्‍चा और झोपड़ी का है।
– देख-रेख के अभाव में मकान का कुछ हि‍स्‍सा ढह गया है।
– पुश्तैनी जमीन के नाम पर बंटवारे में जो जमीन मि‍ली है, उस पर खेती न होने से बंजर पड़ी है।
गाजीपुर से ही की है पढ़ाई
– रामवृक्ष ने स्कूल एजुकेशन गाजीपुर के पीएन इंटर कॉलेज से हासिल की।
– मऊ के डीसीएसके पीजी कॉलेज से ग्रैजुएशन पूरा किया।
– पढ़ाई के दौरान रामवृक्ष जय गुरुदेव के सानिध्य मे आया था।
– रामवृक्ष के गांव के लोगों का कहना है कि सपा सरकार उन्हें आतंकवादी घोषित करना चाहती है। इसके लिए शिवपाल यादव और पंकज यादव दोषी हैं।

बाबा जय गुरुदेव का रामवृक्ष से लेनादेना नहीं
– जय गुरुदेव आश्रम सहेड़ी के मुखिया इंद्रदेव यादव का कहना है, “इस घटना से हमारा कोई लेन देना नहीं है। बाबा जयगुरुदेव ने खासकर अपने साथियों को किसी तरह के आंदोलन या धरना प्रदर्शन में हिस्सा न लेने के लिए कहा था।”
– “इससे देश की जनधन की बड़ी हानि होती है। इसमें हम लोग बिलकुल रुचि नहीं रखते। आंदोलनकारी जो जयगुरुदेव का नाम ले रहे थे वो गलत है। उससे हम लोगों की संस्था का कोई मतलब नहीं है।”

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