कुल में कलह: 4 दिन बाद सामने आए मुलायम; भाई का साथ दिया, बेटे का फैसला बदला, दागी मंत्री की बर्खास्तगी रद्द

Lucknow
लखनऊ. यूपी की सियासत के यादव कुल में चुनाव से चार महीने पहले शुरू हुई कलह के चार दिन बाद मुलायम सिंह यादव शुक्रवार को सपा कार्यकर्ताओं के सामने आए। नौ में से सात विभाग छीने जाने के बाद कैबिनेट से इस्तीफा दे चुके भाई शिवपाल का पक्ष लिया। कहा, ‘परिवार में कोई झगड़ा नहीं है। पार्टी में कोई मतभेद नहीं हैं। हमारे रहते पार्टी में कभी कोई फूट नहीं हो सकती।” इसके साथ ही मुलायम ने एलान किया कि खनन मंत्री गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी का फैसला रद्द किया जाता है। बता दें कि प्रजापति को बीते सोमवार सीएम अखिलेश यादव ने मंत्री पद से बर्खास्त किया था। वे करप्शन केस में आरोपी हैं। सुबह शिवपाल ने मुलायम से की थी मुलाकात…
– इससे पहले शुक्रवार सुबह शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह से घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान शि‍वपाल के बेटे आदि‍त्‍य यादव भी मौजूद थे।
– मुलायम और शि‍वपाल के करीब 10 मिनट मीटिंग हुई। बाद में मुलायम घर पर आए अखि‍लेश से मिले। उनके बीच करीब 20 मिनट बातचीत हुई।
– दोनों से मुलाकात करने के बाद मुलायम पार्टी कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं को बताया कि पार्टी और परिवार में किसी तरह की कलह नहीं है।
– इस दौरान पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने अखिलेश के समर्थन में तो कुछ ने शिवपाल के समर्थन में नारे लगाए।
पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से क्या बोले मुलायम?
1. परिवार के बारे में
– मुलायम ने कहा, ”मीडिया की कोई गलती नहीं है। हमारे ही लोगों का मीडिया को दिया हुआ मौका है। कार्यकर्ताओं में चिंता है। लेकिन अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है। पार्टी के दूसरे नेताओं में भी मतभेद नहीं हैं।”
2. चुनाव के बारे में
– सपा सुप्रीमो बोले, ”अखिलेशजी आए थे। मिलकर चले गए हैं। चुनाव में कैसे काम करना है, यह बता दिया है। कहीं कोई मतभेद नहीं हैं। हमारे रहते पार्टी में कभी कोई फूट नहीं हो सकती। हम अपने क्षेत्र से चुनाव कैम्पेन शुरू कर रहे हैं। आप लोगों ने पांच साल बहुत मेहनत की है। सरकार बहुत अच्छी चली है।”
3. अमर सिंह का नाम नहीं लिया
– मुलायम ने कहा, ”वो कौन-सी शक्तियां हैं जो नहीं चाहतीं कि समाजवादी पार्टी की सरकार बने। बहुत बड़ा परिवार है। समाजवादी परिवार है। हमारे परिवार में थोड़ा-बहुत तो होता रहता है। कोई भी मतभेद नहीं है। बस यही कहा है कि शंका समाधान कर लेना।”
4. बर्खास्त मंत्री के बारे में
– मुलायम ने कहा, ”गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी रद्द की जाती है। वे फिर मंत्री बनेंगे।”
– बता दें कि प्रजापति खनन मंत्री थे। उन्हें बीते सोमवार हटाया गया था। उन पर करप्शन के आरोप हैं।
5. कार्यकर्ताओं पर नाराजगी
– नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं से मुलायम नाराज हो गए। कहा, ”भाषण देते हैं तो बोला जाता है बीच में? ये कोई तरीका है? बोलने नहीं देते। क्या बात करनी है। हम हैं ना बात करने के लिए। बहुत से बेवकूफ अा गए। हमको बोलने नहीं देते। नेता बनो तो दूसरों की सुनो। नेता बनोगे तो ये समस्या आपके सामने भी आएगी। दूसरों को बोलने दो।”
6. अपने पीएम बनने के बारे में
– सपा सुप्रीमो ने कहा, ”हम 11 बार विधायक बने। नेता प्रतिपक्ष रहे। रक्षा मंत्री बने। प्रधानमंत्री बनते-बनते रह गए। आज मैं आया तो लालूजी से फोन पर बात की। लालूजी सिर्फ रिश्तेदार नहीं, नेता हैं। हैसियत वाले नेता हैं। उन्हें भी चिंता थी। वह हमने दूर कर दी। हमने कहा कि हमारी बात टालेगा कोई?”
कैसे बढ़ता गया विवाद
1#अखिलेश ने पिछले महीन गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के कौमी एकता दल के सपा में विलय का शिवपाल सिंह का फैसला पलटा।
2#इसी हफ्ते चाचा के करीबी मंत्री राजकिशोर सिंह और चीफ सेक्रेटरी दीपक सिंघल हटाए गए।
3#मुलायम के कहने पर उनके छोटे भाई शिवपाल सपा के यूपी चीफ बने तो अखिलेश ने 2 घंटे में उनसे 9 में से 7 विभाग छीन लिए।
4#शिवपाल के अखिलेश कैबिनेट छोड़ने के कयास लगाए गए। लेकिन उन्होंने कहा कि नेताजी का फैसला मंजूर होगा। इसके बाद भी बात बिगड़ गई।
इसलिए भाई शिवपाल यादव को अहमियत दे रहे हैं मुलायम
मुलायम ने कुछ दिन पहले अखिलेश को चेताया था कि शिवपाल सपा से अलग हुए तो पार्टी टूट जाएगी। बेटे अखिलेश को सीएम बनाने के बाद भी मुलायम भाई शिवपाल यादव को इतनी अहमियत क्यों दे रहे हैं? इसकी वजह है…
1# शिवपाल के वफादार हैं 30 मंत्री :मुलायम सिंह के छोटे भाई। सरकार और सपा में नंबर-दो। पार्टी में शिवपाल की पकड़ बहुत तगड़ी है। 57 में से 30 सीनियर मंत्री उनके वफादार हैं। विधायकों का आंकड़ा भी करीब 100 है। दबाव बनाने के लिए इनमें से कई इस्तीफा दे सकते हैं।
2# जमीनी कार्यकर्ताओं से तालमेल:मुलायम सिर्फ सपा का चेहरा हैं। जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल शिवपाल ही रखते थे। अगर बिखराव हुआ तो कार्यकर्ताओं की एक बड़ी फौज शिवपाल के साथ होगी।

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