PAK ने कश्मीर पर फिर लिखा UN को लेटर, भारत ने कहा- इससे सच नहीं बदलने वाला

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इस्लामाबाद.पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को इंटरनेशनल लेवल पर उछालने की कोशिश की है। नवाज शरीफ ने एक महीने में दूसरी बार यूएन चीफ बान की-मून को लेटर लिखा। उन्होंने इस मामले में उनसे दखल देने की अपील की। शरीफ ने लेटर में लिखा, “यूएन कश्मीर में ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन के आरोप की जांच के लिए एक फैक्ट फाइंडिंग मिशन भेजे।” लेटर में बलूचिस्तान और PoK (पाक के कब्जे वाला कश्मीर) पर नरेंद्र मोदी के बयान की भी आलोचना की गई। पाकिस्तान के इस रवैये पर भारत के विदेश प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, “चाहे जितने खत लिख लो, लेकिन इससे जमीनी सच नहीं बदलने वाला। सच यही है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। इसके एक भाग पर पाकिस्तान ने गैरकानूनी कब्जा कर रखा है।” कश्मीर में बिगड़ते हालात का दिया हवाला…
– एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लेटर की जानकारी पाकिस्तान के फॉरेन ऑफिस के स्पोक्सपर्सन नफीस जकारिया ने दी है।
– जकारिया का कहना है कि यूएन सेक्रेटरी जनरल ने शरीफ से कश्मीर में हिंसा रोकने के लिए की जाने वाली कोशिशों पर राय मांगी थी।
– बता दें कि इससे पहले 9 अगस्त को कश्मीर मसले पर शरीफ की तरफ से यूएन को लेटर लिखे जाने की खबर आई थी।
– शरीफ ने वह लेटर बान की-मून के साथ ही ह्यूमन राइट्स मामलों पर यूएन के हाई कमिश्नर प्रिंस जाएद अल हुसैन को लिखा था।
लेटर में पाक ने और क्या कहा है?
– जकारिया का कहना है- “पीएम शरीफ ने लेटर में कहा है कि कश्मीर में ह्यूमन राइट्स के गंभीर और दुखद मामलों की ‘आजाद जम्मू और कश्मीर’ की तुलना नहीं की जा सकती। इस वजह से कश्मीर में किसी भी यूएन मिशन के दौरे के लिए रास्ता खुला हुआ है।”
– “पाकिस्तान कश्मीर विवाद को सभी इंटरनेशनल लेवल पर उठाने की कोशिशें जारी रखेगा। यह इश्यू यूएन जनरल असेंबली की होने वाली एनुअल मीटिंग में भी उठाया जाएगा।”
– “इसके अलावा इस मसले को यूएन सेशन से इतर ओआईसी (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) की मीटिंग्स में भी उठाया जाएगा।”
– जकारिया ने कहा- “पाकिस्तान कश्मीर विवाद से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए हल करना चाहता है। लेकिन इसके लिए पहले से कोई शर्त मानने से इनकार करता है।”
– नवाज के इस लेटर में पाकिस्तान ने बलूचिस्तान और पीओके पर पीएम नरेंद्र मोदी के बयान को गलत ठहराया है। कहा है- “मोदी ने ऐसा बयान देकर यूएन चार्टर का पूरी तरह से वॉयलेशन किया है। भारतीय पीएम का बयान कश्मीर में जारी अत्याचार से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश है।”
मोदी ने क्या कहा था?
– इंडिपेंडेंस डे (15 अगस्त) को लाल किले से नरेंद्र मोदी ने अपनी स्पीच में PoK और बलूचिस्तान का जिक्र किया था।
– मोदी ने कहा था, ”पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले इलाके के लोगों ने जिस तरह से मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है इस पर मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।”
– इससे पहले मोदी ने कश्मीर मसले पर ऑल पार्टी मीटिंग में कहा था, ”पीओके भी भारत का हिस्सा है। गिलगित-बालटिस्तान और बलूचिस्तान में पाकिस्तान जो हिंसा कर रहा है, उसके बारे में भी बात होनी चाहिए।” इस पर पीओके और बलूचिस्तान के लोगों ने मोदी का शुक्रिया अदा किया था।
– मोदी के इस बयान के बाद से ही बलूचिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। जिसमें मोदी के बयान के सपोर्ट में उनके पोस्टर भी लहराए जा रहे हैं।

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