500 Cr रेवेन्यू के लिए महंगा हुआ राजधानी, शताब्दी, दुरंतो का सफरः मोदी-शाह तक पहुंचा मामला, वापस हो सकता है फैसला

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नई दिल्ली.71 रूट पर राजधानी, शताब्दी और दुरंतो की 142 ट्रेनों में ‘फ्लेक्सी किराया’ लागू करने को लेकर चौतरफा आलोचना झेल रही मोदी सरकार इस फैसले को वापस ले सकती है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र के इस कदम के खिलाफ विपक्ष ही नहीं, बल्कि पार्टी से भी बगावती सुर उठे हैं। रेलवे के सूत्रों ने ‘भास्कर’ को बताया कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने यह फैसला रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के विरोध के बावजूद लिया, क्योंकि रेलवे को इससे 500 करोड़ का रेवेन्यू मिल सकता है। क्या है मामला… किस तरह बढ़ाया गया किराया…
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– सूत्रों के मुताबिक, रेल राज्य मंत्री सिन्हा ने कहा था कि फ्लेक्सी किराए का असर मिडिल क्लास पर पड़ेगा, जिसका खामियाजा बीजेपी को अगले कुछ महीनों में होने वाले पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
– बताया जा रहा है कि प्रभु ने सिन्हा के विरोध को खारिज कर दिया। इसके बाद सिन्हा ने यह मुद्दा पीएमओ और बीजेपी चीफ अमित शाह के सामने उठाया।
– सूत्रों ने कहा कि इसके बाद शाह ने इस फैसले के नफे-नुकसान के बारे में सुरेश प्रभु से बातचीत की।
– प्रभु ने दावा किया कि इस फैसले से रेलवे को 500 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा। लेकिन शाह ने साफ किया कि 500 करोड़ रुपए के लिए बीजेपी मिडिल क्लास की नाराजगी का जोखिम मोल नहीं ले सकती, वह भी ऐसे वक्त जब पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं।
…तो कब तक जारी रहेगा फ्लेक्सी फेयर
– सूत्रों के मुताबिक, फ्लेक्सी फेयर फिलहाल कुछ दिनों के लिए जारी रहेगा। समस्या यह है कि दोनों ही फैसले केवल नौकरशाहों से मिली जानकारी के आधार पर लिए गए। इसमें राजनीतिक नफे-नुकसान का आकलन नहीं किया गया था।
– बीजेपी रेल मंत्री प्रभु को फैसला वापस लेने का आदेश दे चुकी है। लेकिन इसकी घोषणा सिर्फ इसलिए नहीं की गई, ताकि कहीं यह मैसेज न चला जाए कि सरकार को विपक्ष के विरोध के आगे झुकना पड़ा।
उदाहरण के साथ समझें, कैसे बढ़ा किराया…
– पहले दिल्ली-मुंबई राजधानी का बेसिक फेयर 1628 था। कुल किराया 2085 रुपए लगता था।
– फ्लेक्सी प्राइसिंग सिस्टम लागू होने के बाद हर 10% सीटें बुक होने पर बेसिक फेयर 10% बढ़ने लगा।
– मान लीजिए, दिल्ली-राजधानी में IIIrd AC में कुल 100 सीटें हैं तो शुरुआती 10 सीटों का किराया 2085 रुपए ही रहेगा।
– अगली 10 सीटों के लिए आपको बेसिक फेयर 1628 का 10% ज्यादा यानी 163 रुपए देने होंगे। इस तरह कुल किराया 2248 रुपए हो जाएगा।
– 40% यानी 40 सीटें बुक होने पर बेसिक फेयर इसी तरह 10% बढ़ता रहेगा।
– 40 सीटें बुक होने के बाद यानी 41 से 100वीं सीट तक किराया 1.4 गुना ही लगेगा। यानी आपको आखिरी की 60 सीटों के लिए 2737 रुपए देने होंगे।
– Ist AC और एग्जीक्यूटिव क्लास को फ्लेक्सी प्राइसिंग से अलग रखा गया है। यानी इन दोनों क्लास में पहले जितना ही किराया लगता रहेगा।
कितनी ट्रेनों में महंगा हुआ सफर?
– 71 रूट पर अप एंड डाऊन 54 दुरंतो, 42 राजधानी और 46 शताब्दी एक्सप्रेस यानी 142 ट्रेनों पर फ्लेक्सी फेयर सिस्टम से असर पड़ रहा है।

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