राजनीतिक विरासत पर कब्जा को लेकर मुलायम परिवार में चल रहा होर्डिंग ‘वार’

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लखनऊ.कभी एक ही पोस्टर में नजर आने वाले सपा के नेता और मुलायम परिवार के लोग अब अलग-अलग पोस्टर में नजर आ रहे हैं। बात चाहे अखिलेश यादव और शिवपाल यादव की हो या फिर रामगोपाल यादव की। हर कोई अपनी अपनी ब्रांडिंग करने में लगा है। अखिलेश यादव की जहां सरकार की योजनाओं के बहाने ब्रांडिंग हो रही है। अब तो आदित्य यादव भी जन्मदिन के बहाने खुद की ब्रांडिंग करने में लगे हैं। वहीं, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव भी पीछे नहीं हैं। ये भी विशेष मौके पर होर्डिंग में नजर आते रहते हैं। आगे पढ़िए क्‍या कहते हैं जानकार
जानकारों बताते हैं कि होर्डिंगवार आने वाले दिनों में राजनीतिक विरासत को कब्जा करने की तैयारी है, जिसे लेकर अभी से लोग सक्रिय हो गए हैं। जिससे आने वाले दिनों में खुद को अगली कतार में खड़ा किया जा सके। वरिष्ठ पत्रकार निरंकार सिंह का कहना है कि मुलायम परिवार में जो इस समय होर्डिंग वार देखने को मिल रहा है, वो राजनीतिक विरासत पर कब्जा करने की तैयारी है। उनका कहना है कि मुलायम सिंह अब स्वास्थ्य कारणों की वजह से इतने सक्षम नहीं रहे हैं। इसलिए अब उनकी जगह पर नेतृत्व पर कब्जा करने के लिए परिवार के लोग ऐसा कर रहे हैं।
शिवपाल गुट अलग है तो रामगोपाल गुट अलग
शिवपाल गुट अलग सक्रिय है तो रामगोपाल गुट अलग, जबकि अखिलेश यादव सीएम हैं ही। शिवपाल खुद को मजबूत करने में लगे हैं और वो हर जगह अपनी जड़े जमाने में लगे हैं। उनका नाम न सिर्फ मथुराकांड में आया, बल्कि वह बाबा रामदेव से मिलकर उन्हें आश्रम देने के लिए जमीन देने की भी बात कही है। मतलब शिवपाल हर तबके में खुद को मजबूत करना चाहते हैं। वहीं, रामगोपाल गुट भी सक्रिय है। हालांकि, वो मौका देखकर चौका लगाते हैं। ये होर्डिंग वार उसी के लिए हो रहा है।
परिवार में नहीं चल रहा सबकुछ ठीक-ठाक
वरिष्ठ पत्रकार पीएन द्विवेदी ने बताया कि ये सच है कि मुलायम सिंह के परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अंदर मनमुटाव है, लेकिन वो इस तरह की चीजें बाहर नहीं लाना चाहते हैं। वह अपने इंटरनल अफेयर पर्दे के पीछे रखेंगे और दिखाएंगे कि सब कुछ ठीक है, लेकिन मनमुटाव है। इसका एक कारण ये हो सकता है कि परिवार का हर आदमी अपनी-अपनी ब्रांडिंग कर रहा हो।
अपनी-अपनी ब्रांडिंग की मची है होड़
वरिष्ठ पत्रकार कुसुल तलहा का कहना है कि जिस तरह से शहर में अखिलेश यादव या फिर उनके परिवार के लोगों के पोस्टर बैनर लगाकर ब्रांडिंग हो रही है। उसकी एक वजह ये है कि अब अलग-अलग एज ग्रुप के लोग पार्टी में है। पहले सिर्फ मुलायम और शिवपाल थे। इसलिए वही लोग बैनर पोस्टर में नजर आते थे, लेकिन अब अखिलेश, अपर्णा और आदित्य जैसे तमाम लोग हैं। ऐसे में उन्हें लग रहा है कि अगर अलग-अलग एज ग्रुप के लोगों की ब्रांडिंग करके लोगों को जोड़ा जा सकता है तो इसमें बुराई क्या है। वहीं, पार्टी को पहले लगा रहा था कि वो फिर से आराम से सरकार में वापसी कर लेंगे, लेकिन अब सरकार को थोड़ी मुशकिल लग रही है। इसलिए अब वो हर तरह से ब्रांडिंग करने में जुट गई है। सपा सरकार कोशिश कर रही है कि ज्यादा से ज्यादा चीजों को लोगों तक पहुंचाया जाए।

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