खेल-खेल में पानी से भरे गड्ढे में डूब गए दो मासूम, मौत

Allahabad City, Naini

औद्योगिक थाना क्षेत्र के मवैया गांव स्थित ओमेक्स सिटी के पास गुरुवार शाम खेल-खेल में दो मासूम बच्चे बरसाती पानी से भरे 20 फीट गहरे गड्ढे में समा गए। दर्दनाक हादसे में दोनों बच्चों की मौत हो गई। दोनों मासूम खेलने के लिए शाम चार बजे कांशीराम आवास योजना एडीए कालोनी स्थित अपने घरों से निकले थे। उनके न लौटने पर परिजन चिंतित रहे। सभी संभावित जगहों पर उनको ढूंढा गया लेकिन दोनों नहीं मिले।

शुक्रवार सुबह एक राहगीर ने दोनों मासूम की लाशें पानी से भरे गड्ढे में उतराती देखीं। उसने अरैल पुलिस चौकी के सिपाहियों को इस बारे में बताया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सिपाहियों ने औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस को इसकी जानकारी दी। घटना स्थल पर पहुंचे एसओ औद्योगिक क्षेत्र ने मातहत पुलिस कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से दोनों मासूमों की लाशें निकालीं। घटना की जानकारी बच्चों के घर पहुंची तो कोहराम मच गया।

नैनी में कांशीराम आवास योजना में रहने वाले अजय कुमार का सात वर्षीय बेटा राज और पड़ोसी पूजा का आठ साल का बेटा निगम पुत्र स्व. मिलन कुमार गुरुवार शाम खेलने के लिए निकले थे। घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास और परिचितों के यहां जाकर खोजबीन की लेकिन दोनों का कहीं पता नहीं चल सका। इस बीच शुक्रवार सुबह मवैया-अरैल रोड से गुजर रहे एक राहगीर ने ओमेक्स सिटी के पास रोड के किनारे मिट्टी खोदाई से हुए गड्ढे में दो बच्चों की लाश पानी में उतराती देखी। जिसकी सूचना उसने अरैल चौकी के सिपाहियों को दी। बाद में औद्योगिक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों के शव को बाहर निकला।

गड्ढे के पास एक लकड़ी के बेंच के नीचे दोनों मासूम के कपड़े व चप्पल भी बरामद हुए। एसओ औद्योगिक क्षेत्र पंकज सिंह का कहना है कि दोनों बच्चे खेलते हुए पानी में नहाने के लिए गए थे, जो गहराई के कारण डूब गए। वहीं हादसे की जानकारी होते ही दोनों के परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंच गये। दोनों मासूम अपने घर के एकलौते चिराग थे। इसके बाद पुलिस ने लाश का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

एडीए कांशीराम आवास योजना कालोनी में रहने वाले आठ साल के निगम की मां पूजा और सात साल के राज के पिता अजय सगे भाई-बहन हैं। दोनों ही पास के प्राथमिक स्कूल में पढ़ते थे। निगम कक्षा चार का छात्र था जबकि राजू दूसरी कक्षा में पढ़ता था। दोनों बच्चे घर के दुलारे थे।
मासूम निगम के पिता मिलन की चार साल पहले किसी हादसे में मौत हो चुकी है। उसकी मां पूजा मेहनत-मजदूरी कर अपने बेटे व चार साल की बेटी निराली का पालन पोषण करती है। जबकि राजू के पिता अजय भी मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर बसर करता है। उसकी पांच साल की एक बेटी संजना और पत्नी रेखा है। दोनों बच्चों के परिवार वालों ने मौके पर पहुंचकर मासूमों के शव की शिनाख्त की।

मवैया गांव में जहां पानी में डूबने से मासूमों की मौत हुई है। वहां पर जेसीबी से खुदाई कर मिट्टी निकालने से गहरा गड्ढा हो गया है। जो बरसात में तालाब बन गया है। जिसकी वजह से बच्चे इसमें नहाने के लालच से अपने को नहीं रोक पाए और जान से हाथ धो बैठे।

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