PAK की आर्मी ने मीडिया को राजनाथ की स्पीच कवर करने से रोका था, 2 बातों के चलते इस्लामाबाद गए थे होम मिनिस्टर

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इस्लामाबाद.पाकिस्तान में हाल ही में हुई सार्क मीटिंग का मीडिया कवरेज न होने का मुद्दा विवाद की वजह बना हुआ है। इस मामले में अब नया खुलासा यह हुआ है कि राजनाथ सिंह की स्पीच का टेलिकास्ट रोकने के ऑर्डर पाकिस्तान सरकार ने नहीं, बल्कि वहां की आर्मी ने दिए थे। बता दें कि इस्लामाबाद गए राजनाथ ने आतंकवाद के मुद्दे पर मेजबान देश को जमकर लताड़ लगाई थी। ऐसा पहली बार हुआ था कि इस मुद्दे पर भारत के किसी मंत्री ने पाकिस्तान में जाकर पाक को खरी-खरी सुनाई थी। कश्मीर पर पाक के रुख और आतंकियों की धमकियों को गलत साबित करने राजनाथ गए थे इस्लामाबाद…
– पाकिस्तान आर्मी के पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ने वहां के एडिटर्स और जर्नलिस्ट्स को उस इवेंट का कवरेज नहीं करने को कहा था, जिसमें राजनाथ स्पीच देने वाले थे।
– हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बात का खुलासा वहां के सीनियर जर्नलिस्ट ताहिर नजमी ने खुद किया है।
– एक और जर्नलिस्ट के मुताबिक, सरकार और आर्मी, दोनों ही नहीं चाहते थे कि मीडिया इस इवेंट को ज्यादा तवज्जो दे।
– ऐसा शायद इसलिए किया गया, क्योंकि ये माना जा रहा था कि मीटिंग के दौरान कई देश और खासकर भारत आतंकवाद का मुद्दा उठा सकते हैं।
सार्क मीटिंग कैंसल करना चाहते थे नवाज?
– नवाज शरीफ पनामा पेपर्स लीक में अपने तीन फैमिली मेंबर्स का नाम आने के बाद दबाव में हैं। इमरान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ और जरदारी की पार्टी पीपीपी, दोनों उनसे इस्तीफा मांग रहे हैं।
– रिपोर्ट्स के मुताबिक, घरेलू मुद्दों पर उलझे नवाज तो सार्क मीटिंग को कैंसल ही करना चाहते थे। लेकिन आर्मी चीफ राहिल शरीफ के कहने पर उन्होंने इरादा बदल दिया।
– दरअसल, राहिल शरीफ का सोच ये था कि आतंकवाद के मुद्दे पर देश अलग-थलग पड़ता जा रहा है। और अगर सार्क मीटिंग को भी कैंसल किया गया तो इसका गलत मैसेज जाएगा।
– शायद इसलिए आर्मी और सरकार ने मीटिंग तो होने दी, लेकिन इसके मीडिया कवरेज को रोक दिया, ताकि जनता और दुनिया तक भारत की बात नहीं पहुंच पाए।
पाक को थी हिंसा भड़कने की चिंता
– बताया जाता है कि कई ग्रुप कश्मीर मुद्दे पर पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन करना चाहते थे। लेकिन आर्मी के कहने पर उन्होंने ऐसा नहीं किया।
– दरअसल, सरकार और आर्मी को चिंता थी कि इन प्रदर्शनों से देश में हिंसा भड़क सकती है। अगर ऐसा होता तो नवाज शरीफ की मुश्किलें और बढ़ जातीं।
– हालांकि, हाफिज सईद का जमात-उद-दावा और सैयद सलाहुद्दीन का हिजबुल मुजाहिदीन प्रोटेस्ट करने में फिर भी कामयाब रहे।
राजनाथ के पाकिस्तान जाने की खास वजह क्या थी?
– सार्क मीटिंग में अफगानिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के होम मिनिस्टर्स ने शिरकत ही नहीं की। इन देशों ने सिर्फ छोटे अफसरों के डेलिगेशन ही वहां भेजे।
– एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत भी अफसरों को ही पाकिस्तान भेजने वाला था। लेकिन दो बातें ऐसी हुईं, जिसके बाद राजनाथ ने स्ट्रैटजी बदली और खुद पाकिस्तान गए।
– पहली बात। बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में काफी हिंसा हुई। कई लोगों की मौत हुई। पाकिस्तान ने यूएन में इसे ह्यूमन राइट्स वायलेशन ठहराने की कोशिश की थी।
– दूसरी बात। हाफिज सईद और सैयद सलाहुउद्दीन जैसी आतंकियों ने धमकी दी थी कि वे राजनाथ को पाकिस्तान की धरती पर कदम भी नहीं रखने देंगे।
– भारत दुनिया को इन दोनों बातों का जवाब देना चाहता था। इसलिए राजनाथ ने पाकिस्तान को उसी के देश में और उसकी ही भाषा में जवाब दे दिया। सईद और सलाहुद्दीन भी राजनाथ ने पाकिस्तान से ही मुंहतोड़ जवाब दिया।

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