MP के 10 जिलों में पानी ही पानी: 11 की मौत, 4000 को किया गया रेस्क्यू

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भोपाल।मध्य प्रदेश में भारी बारिश कहर बनकर टूट रही है। बारिश की वजह से अलग-अलग घटनाओं में 11 मौतें हो चुकी हैं। प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित सीहोर, सतना, सागर, पन्ना, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, रीवा सहित 23 जिलों में सामान्य से बहुत ज्यादा बारिश हो चुकी है और कई जिलों में अभी भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एक आपात बैठक भी बुलाई और अलर्ट जारी करते हुए पूरे प्रदेश के लिए इमरजेंसी नंबर 1079 जारी किया गया है। हालात को देखते हुए 10 जून को हलाली डेम में होने वाली कैबिनेट की बैठक भी रद्द कर दी गई है। सभी मंत्रियों को आपात स्थिति पर नज़र रखने और तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश भी सीएम ने दिए हैं। ऐसा है तबाही का मंज़र….
भारी बारिश ने पूरे प्रदेश को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अधिकतर जिले बाढ़ से घिरे हुए हैं । जगह-जगह लोग बाढ़ के कारण रास्तों में फंसे हुए हैं। कई जिलों का आपस में संपर्क टूट गया है। बाढ़ के बीच में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने सेना, आपदा प्रबंधन टीम और होमगार्ड के जवानों की मदद ली जा रही है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर, शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाई। हालांकि सरकार ने भारी बारिश के कारण सिर्फ 8 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है। मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए देने की घोषणा भी सीएम ने की है।
मौसम विभाग ने विदिशा, भोपाल, सागर, दमोह, सतना, होशंगाबाद, बैतूल, जबलपुर, नरसिंहपुर आदि जिलों में भारी से भारी बारिश चेतावनी जारी की है। वहीं राजगढ़, अशोकनगर, गुना, हरदा, टीकमगढ़, पन्ना, रीवा, इंदौर, सीहोर, देवास, सिवनी, छिंदवाड़ा, दतिया, मंडला, आगर मालवा आदि जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अलग-अलग जगह बाढ़ में फंसे हुए लगभग 4 हज़ार लोगों को अब तक सेना, पुलिस या रेस्क्यू टीम की मदद से निकाला गया है।
ऐसा है हाल…
-टीकमगढ़:
मौसम विभाग ने 11 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां की धसान नदी उफान पर है।
-मुरैना:पांच नदियों चंबल, क्वारी, सांक, आसन व सोन वाले जिला मुरैना में बारिश के दौरान बाढ़ के पानी से खतरा बढ़ जाता है।
-रायसेन: रायसेन-बरेली, भोपाल-बरेली, रायसेन- विदिशा सहित सिलवानी-उदयपुरा के रास्ते बंद। नर्मदा किनारे बसा भारकच्छ कला गांव चारो तरफ से बंद। बकतरा आने का कोई रास्ता चालू नहीं। नर्मदा नदी में लगातार बढ़ रहा है जलस्तर।
हरदा: नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रशासन ने शहर में छह स्थानों पर व्यवस्थाएं बनाई हैं। वहीं नर्मदा तट पर 20 जवान तैनात किए गए हैं।
-बैतूल: तवा नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव डूबने लगे हैं।
-दमोह: घरों में पानी भरने से लोग परेशान।
-छतरपुर: गांवों में पानी भरा हुआ है।
-जबलपुर:महाकौशल के सतना, रीवा आदि में बाढ़ में फंसे लोगों की मदद के लिए सेना और होमगार्ड के जवानों की मदद ली जा रही है।
होशंगाबाद:नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। अगले दो दिन भी अलर्ट जारी किया गया है।
कहां कितनी बारिश…
प्रदेश में एक जून से 8 जुलाई तक हुई वर्षा के आधार पर 25 जिले में सामान्य से अधिक, 16 जिले में सामान्य, 9 जिले में कम वर्षा और एक जिले में अल्प वर्षा हुई है।
सामान्य से अधिक वर्षावाले जिले में जबलपुर, कटनी, छिन्दवाड़ा, सिवनी, मण्डला, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, सीधी, सतना, उमरिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और होशंगाबाद जिले हैं। प्रदेश के
16 जिले डिण्डोरी, टीकमगढ़, रीवा, शहडोल, धार, अलीराजपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास, शाजापुर, श्योपुरकला, भिण्ड, हरदा और बैतूल में सामान्य वर्षा रिकार्ड की गयी है। प्रदेश के बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा और आगर जिला कम वर्षा वाले जिलों की श्रेणी में हैं। बुरहानपुर जिला अल्प-वर्षा की श्रेणी में है।
यहां की स्थिति…
कलेक्टर सतना से मिली जानकारी के अनुसार जिले की प्रमुख नदी टमस, सोन और मंदाकिनी का जल-स्तर बढ़ने से 300 प्रभावित लोगों को अस्थायी शिविर में ठहराये जाने की व्यवस्था की गयी है। जिले की तहसील रघुराज नगर के बाढ़ प्रभावित 400 व्यक्ति को सेना द्वारा राहत शिविर तक पहुंचाया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन, राजस्व, होमगार्ड बचाव कार्य में लगे हैं। कलेक्टर रीवा ने राहत आयुक्त कार्यालय को जानकारी दी है कि ग्राम सिरमौर भडरा में बाढ़ में फंसे 3 व्यक्ति को सेना के हेलीकॉप्टर से बचाया गया।
200 गांवों का संपर्क टूटा
बैतूल जिले और आसपास के क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण जिला मुख्यालय का करीब 200 गांव से संपर्क टूट गया है। भारी बारिश के चलते तवा नदी के राजडोह घाट पार स्थित लोनिया गांव में भी घुसा गया है। सारनी थाना क्षेत्र से मिली जानकारी के अनुसार तवा नदी के दूसरी तरफ बसे लोनिया गांव में शुक्रवार को अचानक पानी भर गया था। जल स्तर बढ़ जाने के कारण 15 लोग टापू पर ही फंस गए थे। जिन्हें बाद में बचा लिया गया।
मध्यप्रदेश में बारिश का 25% कोटा पूरा
– पूरे सीजन में 99 सेंटीमीटर बारिश होती है। अभी तक 25 सेंटीमीटर बारिश हो चुकी है।
– यानि कुल बारिश का करीब 25% कोटा पूरा हो गया है।
– 9 जुलाई तक प्रदेश में एवरेज 18.2 सेंटीमीटर बारिश होती है, जबकि इस साल 24.5 सेंटीमीटर हो चुकी है। यानि प्रदेश में करीब 35% ज्यादा बारिश हुई है।
– प्रदेश में अब तक सबसे अधिक मंडला में 75.3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
– मंडला के बाद सबसे अधिक बारिश सतना में 75 सेंटीमीटर हुई है।

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