ISIS की एजेंसी ने ही किया दावा- सीरिया में मारा गया बगदादी; US ने बरसाए थे बम

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रोम.आईएसआईएस सरगना अबु बक्र अल-बगदादी के हवाई हमले में मारे जाने की खबर है। इस बार ऐसा दावा किसी देश के मीडिया ने नहीं, बल्कि इस आतंकी संगठन से एफिलिएटेड न्यूज एजेंसी अल-अमाक ने किया है। ईरान और तुर्की का मीडिया भी ऐसा ही दावा कर रहा है। कहा जा रहा है कि सीरिया के रक्का में यूएस कोएलिशन फोर्सेस ने दो दिन पहले खूब बम बरसाए थे। इन्हीं हवाई हमले में बगदादी मारा गया। उसके सिर पर 160 कराड़ रमजान के पांचवे दिन हुई मौत…
– ईरानी स्टेट मीडिया और तुर्की के प्रो-गवर्नमेंट न्यूजपेपर येनिस सफक ने आईएसआईएस से जुड़ी अरबी न्यूज एजेंसी अल-अमाक के हवाले से यह जानकारी दी।
– अमाक में पब्लिश स्टेटमेंट के मुताबिक, रक्का में हुए हवाई हमले के बाद रविवार को बगदादी की मौत हो गई।
– स्टेटमेंट के मुताबिक, ”रमजान के पांचवे दिन कोएलिशन आर्मी की एयर स्ट्राइक में अबु बक्र अल-बगदादी मारा गया।”
– हालांकि, कोएलिशन आर्मी ने अब तक इस बारे में कोई स्टेटमेंट जारी नहीं किया है।
– बता दें कि मोस्ट वॉंटेड आतंकी बगदादी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर का इनाम है।
– पिछले एक साल में कई बार उसके मरने की अपुष्ट खबरें आ चुकी हैं। इराक और सीरिया के कब्जे वाले इलाकों में उसे देखे जाने की खबरें भी आ चुकी हैं।
बगदादी के काफिले को बनाया निशाना
– गुरुवार को बगदादी और आईएसआईएस के बाकी लीडर्स सीरिया से कारों के काफिले में रक्का पहुंचे थे, तभी इन्हें निशाना बनाया गया।
– इसमें बगदादी समेत आईएस के कई लीडर्स जख्मी हुए थे।
– इराकी न्यूज चैनल अल-समारिया के मुताबिक, एरिया के लोकल सोर्स ने इसकी कंफर्म जानकारी दी है।
कौन है बगदादी?
– बगदादी आतंकी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) का चीफ है। वो अबु मुसाब अल-जरकावी की मौत के बाद संगठन का चीफ बना।
– 29 जून, 2014 को बगदादी ने इराक और सीरिया के अधिकांश हिस्सों पर कब्जा कर इस्लामिक स्टेट का एलान करते हुए खुद को मुसलमानों का खलीफा घोषित किया था।
– अमेरिका ने इस आतंकवादी पर 160 करोड़ का इनाम रखा है।
कौन है बगदादी?
– बगदादी का जन्म 1971 में उत्तरी बगदाद के सामरा में हुआ था। उसका असली नाम अव्वाद इब्राहिम अली अल-बद्री है।
– इसकी पहचान संगठन में बैटलफील्ड कमांडर और टेक्निशियन के रूप में है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि युवा आतंकी, बगदादी से खासे प्रभावित हैं।
– कहा जाता है कि बगदादी इस्लामिक स्टडीज में पीएचडी है। वह चार साल इराक के बुक्का में यूएस प्रिजन कैंप में भी रह चुका है।
– इसी दौरान बगदादी ने कैम्प में बंद दूसरे आतंकियों से संपर्क बढ़ाया। बुक्का डिटेन्शन कैम्प से उसे 2009 में छोड़ा गया था।

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