लापता AN-32 में सवार था इलाहाबाद का लांस नायक, सलामती की दुआ मांग रहा परिवार

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इलाहाबाद. चेन्नई से पोर्टब्लेयर जाते वक्त लापता हुए भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 में इलाहाबाद के लांस नायक लक्ष्मीकांत त्रिपाठी भी सवार हैं। विमान के लापता होने के बाद से लक्ष्मीकांत के इलाहाबाद स्थित घर में कोहराम मचा है। पूरा इलाहाबाद अपने लाल की सलामती की दुआ मांग रहा है।
क्‍या है पूरा मामला?
– शहर के राजरूपपुर 60 फीट रोड निवासी नरेंद्र कुमार त्रिपाठी का बड़ा बेटा लक्ष्मीकांत (26) एयरफोर्स में लांस नायक है।
– वह इस समय पोर्टब्लेयर में तैनात है।
– शुक्रवार की सुबह चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़े भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 में वह भी मौजूद था।
– परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की दोपहर करीब 2 बजे पोर्टब्लेयर से फोन आया, जिसमें विमान के लापता होने की जानकारी मिली।
– इसके बाद से घर में कोहराम मचा है।
– बता दें, विमान में 29 लोग सवार थे। इनमें 6 क्रू मेंबर हैं।
– नेवी और एयरफोर्स सर्च ऑपरेशन चला रही है। सर्च ऑपरेशन में नेवी ने बे ऑफ बंगाल में अपने 13 बड़े जहाज उतारे हैं। एक सबमरीन को डायवर्ट कर दिया है।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
– घर में लक्ष्मीकांत की मां मीना देवी का सबसे ज्‍यादा बुरा हाल है।
– जब से उन्‍हें उनके बेटे के लापता होने की जानकारी मिली है, तब से वह परेशान हैं।
– आसपास की महिलाएं लगातार उन्हें ढांढस बंधा रही हैं।
– मीना की हालत बिगड़ रही है। छोटा बेटा कार्तिकेय भी मां को लेकर परेशान है।
– पति नरेंद्र उन्‍हें ढांढस बंधा रहे हैं।
– लापता होने के 40 घंटे बाद भी लक्ष्मीकांत का पता न चलने पर मोहल्ले के लोगों के साथ रिश्तेदारों का घर पर आना-जाना शुरू हो गया है।
क्‍या कहना है पिता का?
– किसान नरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गुरुवार की रात 9 बजे उनकी बेटे से फोन पर बात हुई थी।
– उसने बताया था कि शुक्रवार सुबह 5 बजे उसे विमान से पोर्ट ब्लेयर जाना है।
– लेकिन अगले दिन 2 बजे दोपहर में पोर्टब्लेयर से विमान के लापता होने की जानकारी मिली।
– वहां के अफसरों ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण विमान साढ़े 3 घंटे देरी से उड़ा था। उसके बाद रडार से गायब हो गया।
13 जून को घर आया था लक्ष्‍मीकांत
– पिता नरेंद्र ने बताया कि लक्ष्मीकांत घायल होने पर 13 जून को घर आया था।
– उसने बताया कि बास्केट बॉल खेलने के दौरान 25 अप्रैल को उसके पैर में चोट लग गई थी।
– वहां इलाज कराने के बाद उसे छुट्टी मिली थी।
– इलाहाबाद आने के बाद 8 जुलाई को एमएच हॉस्पिटल में उसे भर्ती कराया गया था।
– इसके बाद 18 जुलाई को वो डिस्चार्ज हो गया और 19 को चेन्नई चला गया।
– नरेंद्र ने आगे बताया कि लक्ष्मीकांत ने 27 जून 2011 को एयरफोर्स ज्वाइन की थी और पिछले सितंबर में उसकी पोस्टिंग पोर्ट ब्लेयर में हुई थी।
क्‍या कहना है आर्मी के पीआरओ का?
– इलाहाबाद वायु सेना मध्य कमान के पीआरओ बसंत पांडेय ने बताया कि हमें भी लक्ष्‍मीकांत के लापता होने की खबर मीडिया के जरिए ही पता चली। – मध्य कमान में हजारों जवानों का घर है, सबकी जानकारी रखना संभव नहीं है।
– इस बारे में हेड र्क्‍वाटर से जब सूचना आएगी तो जानकारी दी जाएगी।
टेक ऑफ के 16 मिनट बाद रडार से गायब हो गया प्लेन..
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AN-32 ने चेन्नई के तांबरम एयरपोर्ट से सुबह 8.30 बजे उड़ान भरी थी।
– सुबह 8:46 पर पायलट से आखिरी बार कॉन्टैक्ट हुआ था। उस दौरान प्लेन ने 1375KM दूरी तय कर ली थी और 23000ft की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
– पायलट ने कहा था- सबकुछ नॉर्मल है। लेकिन इसके बाद ही प्लेन रडार से गायब हो गया है।
– सुबह 11.30 पोर्ट ब्लेयर पहुंचना था।
नेवी-एयरफोर्स ने सर्च ऑपरेशन में झोंकू पूरी ताकत…
– नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड प्लेन की तलाश में ज्वाइंट ऑपरेशन चला रहे हैं।
– चेन्नई से 200 नॉट मील दूर प्लेन की तलाश में कोस्ट गॉर्ड के चार शिप और दो डोनियर प्लेन जुटे हैं।
– बंगाल की खाड़ी में सर्च ऑपरेशन में नेवी की टीम हिस्सा ले रही है।
– अंडरवाटर सर्च के या ट्रासमिशन पकड़ने के लिए इंडियन नेवी ने अपना एक सबमरीन डायवर्ट कर दिया है।
– इसके अलावा P-81, DO-228, IAF C-130J तलाश में लगाए हैं।
– वहीं, फ्रिगेट: INS शहयाद्री, डेस्ट्रॉयर्स : INS राजपूत, रणविजय, कॉर्वेट्स : INS किर्च, कारमुक, कोरा, कुथार, टैंकर्स : INS शक्ति, ज्योति, एम्फीबियस : INS घड़ियाल, ऑफशोर पेट्रोल वेसल : INS सुकन्या को भी एयरफोर्स के प्लेन को खोजने में लगा दिया है।
AN-32 की खासियत- सिविलियन और मिलिटरी दोनों के हिसाब से किया गया है डिजाइन
– बताया जाता है कि इंडियन एयरफोर्स के पास 105 AN-32 एरोप्लेन हैं।
– यह दो इंजन वाला एयरक्राफ्ट है। खासतौर पर इसका उपयोग कार्गो प्लेन के तौर पर किया जाता है।
– इस एयरक्राफ्ट की ट्रांसपोर्ट कैपेसिटी 7.5 टन या 50 पैसेंजर ले जाने की है।
– AN-32 दस तरह के हैं। AN-32A, AN-32B, AN-32B-100, AN-32B-110, AN-32B-120, AN-32B-300, AN-32LL, AN-32MP, AN-32P फायरकिलर और AN-32B-200
– AN-32 की मेक्जिमम स्पीड 530 Km/h है। इसका वजन 16 हजार 800 Kg है। इसका मैक्जिमम टैकऑफ वेट 27000 Kg होता है।
– इसे सिविलियन और मिलिटरी दोनों के हिसाब से डिजाइन किया गया है।
– AN-32 के प्रोटोटाइप ने 1976 में पहली उड़ान भरी थी।
हादसे का शिकार हो चुका है AN-32
– मार्च 25 1986 को हिंदमहासागर के ऊपर AN-32 लापता हो गया था। आजतक प्लेन का पता नहीं चला। उसमें 4 पैसेंजर और 3 क्रू मेंबर्स सवार हैं।
– 1999 में AN-32 का एक प्लेन हादसे का शिकार हो चुका है।
– दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिंग के कुछ देर पहले क्रैश होने से 21 लोगों की मौत हुई थी।
– 10 जून 2009 को 13 लोगों को लेकर जा रहा AN-32 प्लेन अरुणाचल प्रदेश में उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही क्रैश हो गया था।

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