ISI एजेंट जमालुद्दीन लखनऊ से गि‍रफ्तार, कई एजेंसि‍यां कर रहींं पूछताछ

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लखनऊ. आईएसआई एजेंट जमालुद्दीन को लखनऊ से यूपी एटीएस ने मंगलवार शाम गि‍रफ्तार कि‍या। वह गाजीपुर जि‍ले का रहने वाला है। उससे कई एजेंसि‍यां पूछताछ कर रही हैं। उस पर आरोप है कि‍ वह आईएसअाई के लि‍ए काम करने वालों को पैसे उपलब्‍ध करवाता था। उसे यूएई के रास्‍ते आईएसआई यह पैसे देती थी। यूपी एटीएस को मि‍ला था इनपुट…
– यूपी एटीएस को इनपुट मिला था कि पाकिस्तान से हवाला के जरिए यूपी के एक शख्स के पास पैसे पहुंच रहे हैं।
– वो पैसा यूपी से राजस्थान में गोवर्धन के खाते में जमा कराया जाता था।
– उसके खाते में हर महीने 30 हजार रुपए जमा किए जाते थे।
– यह पैसे उसे जमालुद्दीन भेजता था।
– इसलि‍ए जमालुद्दीन को 6 महीने से ट्रेस कि‍या जा रहा था।
कौन है गोवर्धन
– वह राजस्‍थान के पोखरण जि‍ले का रहने वाला है।
– वह सेना में काम कर चुका है। रि‍टायरमेंट के बाद वह पोखरण में पटवारी था।
– उस पर आरोप है कि‍ उसने आईएसआई को इंडि‍यन आर्मी के ठि‍कानों के कई नक्‍शे दि‍ए थे।
– UP ATS द्वारा विकसित सूचना पर राजस्थान पुलिस ने 27 दिसंबर 2015 को गोवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया था।
– उसकी नि‍शानदेही के बाद ही जमालुद्दीन की गि‍रफ्तारी हुई।
नवंबर 2015 में मेरठ से पकड़ा गया था ISI एजेंट मो. एजाज
– एजाज को एसटीएफ ने 27 नवंबर को मेरठ कैंट एरिया से गिरफ्तार किया था।
– उसने एसटीएफ को बताया था कि‍ उसे पाकिस्तान में कई भाषाएं सिखाई गईं।
– सबसे ज्यादा मेहनत उसे अंग्रेजी भाषा सीखने में लगी।
– इसके अलावा उर्दू पर उसकी पहले से ही पकड़ थी।
– हिंदी और भोजपुरी के अलावा पंजाबी भाषा भी उसे सिखाई गई।
– एजाज ने पूछताछ में बताया कि अंग्रेजी भाषा में वह पाक में बैठे आर्मी ऑफि‍सरों को सूचनाएं देता था।
– इससे पहले अगस्त 2014 में मेरठ से ही आईएसआई एजेंट आसिफ की गिरफ्तारी हुई थी।

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