सड़कों पर गड्ढे बने मुसीबत, हो रही दुर्घटनाएं

Allahabad City

सीवर लाइन बिछाने के बाद मानक की धज्जिया उड़ाकर बनाई गई सड़कें लोगों के कहीं मौत का सबब न बन जाएं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। स्थिति यह है कि शहर दक्षिणी और उत्तरी के जिस भी हिस्से में सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कें बनाई गई हैं, हर जगह धंस रही है। बारिश की वजह से स्थिति बेहद खतरनाक हो गई है। इसकी वजह से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं।

लगातार हो रही बारिश के कारण सबसे खराब स्थिति शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस समेत पटरी पार मुट्ठीगंज, कीडगंज, दरियाबाद आदि मोहल्लोें में हैं। सिविल लाइंस में सरदार पटेल मार्ग, नवाब यूसुफ रोड, एलगिन रोड, ताशकंद मार्ग, टूरिस्ट बंगले के बगल होकर जीटी रोड से मिलने वाले पत्रिका मार्ग, सीएवी इंटर कॉलेज के पीछे कमला नेहरू रोड पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। पत्रिका मार्ग पर टेलीफोन एक्सचेंज के बगल से एलगिन रोड क्रासिंग तक गड्ढों के कारण गाड़ियां निकालना मुश्किल हो गया है। इस मार्ग पर दिन में कई कार गड्ढे में फंस गईं। यही स्थिति सीएवी इंटर कॉलेज के पीछे बदलापुर अहिराना में है। खतरनाक रूप से धंसी सड़क के कारण यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

 

मुट्ठीगंज में गाजीगंज मंडी, आर्यकन्या चौराहा से हटिया चौराहा, कटघर, महावीरन गली, मीरापुर में हर्षवर्धन नगर में सड़क धंसे और जबरदस्त कीचड़, फिसलन से स्थिति बेहद खराब है। इसकी वजह से सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को काफी दिक्कत हुई। दरियाबाद, कीडगंज में तंबाखू वाली गली, बैहराना में बंगाली टोला, रामबाग, बाई का बाग में भी स्थिति बेहद गंभीर है। सड़क, गलियों में चौतरफा कीचड़ और फिसलन के कारण लोगों को चलना मुश्किल हो रहा है। इन सभी स्थानों पर सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदाई की गई। कहीं सड़क, गली की मरम्मत की गई, कुछ को ऐसी ही छोड़ दिया गया। सड़क, गलियों में पड़ी मिट्टी भी नहीं हटाई गई जिसकी वजह से समस्या गंभीर है।

अतरसुइया में धंसी सड़क, बाल-बाल बचे सफारी सवार
अतरसुइया में खत्री पाठशाला के पास सोमवार सुबह सड़क  पर अचानक करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया। उधर से गुजर रही एक सफारी गाड़ी गड्ढे की चपेट में आ गई। गनीमत रही कि ऊपर से गड्ढे की चौड़ाई कम थी, वर्ना बड़ा हादसा होता। सफारी के गड्ढे में फंसने पर वहां अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से सफारी मे बैठे लोगों को बाहर निकाला गया। सड़क धंसने से यहां के लोगों में भी दहशत है। अतरसुइया में करीब दो वर्ष पहले पाइप लाइन के लिए गड्ढा खोदा गया है। खत्री पाठशाला के पास सड़क के काफी बडे़ हिस्से में गहराई तक खोदाई की गई थी। काम खत्म होने के बाद जैसे-तैसे गड्ढा पाट कर सड़क बना दी गई। सोमवार को सुबह करीब आठ बजे सड़क धंस गई और वहां कुएं जैसा करीब 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। अचानक सड़क धंसने पर उधर से गुजर रही एक सफारी गाड़ी गड्ढे की चपेट में आ गई। ऊपर से गड्ढे की चौड़ाई कम होने के कारण सफारी का अगला पहिया उसमें फंस गया। सामाजिक कार्यकर्ता सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले वर्ष भी यहां सड़क धंसी भी, तब करीब 10 ट्रैक्टर मलबा डालकर उसे पाटा गया था लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर हैं।

कानपुर रोड, पंपिंग स्टेशन में धंसी नाले की दीवार
विवेकानंद चौराहा से हाईकोर्ट की ओर जाने वाली सड़क पर हाल में बना नाला पहली बारिश भी नहीं झेल सका। रविवार रात और सोमवार को हुई बारिश के पानी का प्रवाह बढ़ने पर इस नाले की दीवार और स्लैब ढह गया। उधर, बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन के अंदर नाले की दीवार ढहने से अल्लापुर में जलभराव हो गया। इसके अलावा जार्जटाउन, टैगोर टाउन, सोहबतियाबाग, बैरहना, लूकरगंज आदि में जलभराव होने से लोग परेशान रहे। विवेकानंद चौराहा से हाईकोर्ट की ओर जाने वाली सड़क के दाहिनी ओर नाले का निर्माण नगर निगम ने करीब तीन माह पहले कराया है। नई दीवार उठाने के साथ स्लैब डालकर नाले को ऊपर से बंद किया गया है। सोमवार को दिन में एक साथ पर काफी दूर तक नाले की दीवार और स्लैब ढह गया। इसकी वजह से पानी का प्रवाह रुक गया। उधर, बख्शी बांध पंपिंग स्टेशन में नाले की दीवार ढह गई। इसकी वजह से पानी का प्रवाह रुक गया, जिससे अल्लापुर में बाघम्बरी रोड समेत आसपास के बड़े हिस्से में जलभराव हो गया। जानकारी होने पर पार्षद शिव सेवक सिंह और पूर्व पार्षद कमलेश सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम अफसरों को इसकी सूचना दी।

मानक के मुताबिक नहीं बनाई जा रही सड़कें
सीवर लाइन बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों को मानक के मुताबिक नहीं बनाया गया। नतीजा है कि बारिश के दौरान शहर के तकरीबन हर हिस्से में सड़क धंस रही है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक जेपी मणि के मुताबिक सीवर लाइन बिछाने के बाद गड्ढे को मिट्टी से पाटकर उस पर पानी का छिड़काव होना चाहिए, ताकि मिट्टी ठीक से बैठ जाए। इसके बाद कॉम्पेक्टर से वैक्यूम करना चाहिए, जिससे जमीन के अंदर गड्ढे में गैप न हो और मिट्टी अच्छी तरह बराबर हो जाए। उसके बाद गिट्टी और आवश्यकतानुसार बालू, ईंट लगाकर ऊपर से सड़क का डामरीकरण होना चाहिए। सीवर कार्य में लगी कंपनी एलएंडटी जैसी नामीगिरानी कंपनी इसका पालन नहीं कर रही है। गड्ढे पाटने के बाद मिट्टी बराबर करने के लिए कहीं भी कॉम्पेक्टर का इस्तेमाल नहीं हुआ। पानी का छिड़काव भी ठीक ढंग से नहीं किया गया और सड़कें ऐसे ही बना दी गई। इस लापरवाही का बड़ा कारण एलएंडटी द्वारा पेटी कॉंट्रेक्टरों को काम देना है। कंपनी ने सीवर लाइन बिछाने का काम ऐसे ठेकेदारों को दे दिया है, जिन्हें उसका जरा भी अनुभव नहीं है। इसका खामियाजा अब शहरियों को भुगतना पड़ रहा है।

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