गुलबर्ग सोसाइटी केस में 14 साल बाद फैसला: 24 दोषी, जाकिया ने कहा- ये अधूरा इंसाफ

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gulbarg-sch-1_1464840805अहमदाबाद.गुजरात में 2002 दंगे के दौरान गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड पर गुरुवार को स्पेशल कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। 24 लोगों को दोषी करार दिया गया है और 36 लोग बरी कर दिए गए। बता दें कि फरवरी 2002 में गोधरा कांड के बाद गुलबर्ग हत्याकांड में कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी समेत 69 लोगों की हत्या हुई थी। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस कोर्ट ने घटना के 14 साल बाद फैसला सुनाया है। हालांकि, अहसान की पत्नी जाकिया जाफरी इससे खुश नहीं हैं। उन्होंने इसे अधूरा इंसाफ बताया है।
– कोर्ट ने 11 लोगों को मर्डर का दोषी पाया है। वहीं, 13 लोगों को दूसरे चार्ज में दोषी करार दिया है।
– कोर्ट अब 6 जून को दोषियों को सजा सुनाएगी। वहीं, कोर्ट ने हत्याकांड के पीछे किसी साजिश से इनकार किया है।
– कोर्ट ने बीजेपी के मौजूदा म्‍युनिसिपल काउंसलर बिपिन पटेल को भी बरी कर दिया है।
– बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में बनी एसआइटी ने गुलबर्ग सोसायटी मामले में 66 लोगों को अरेस्ट किया था।
– बाद में सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट को 31 मई तक फैसला सुनाने को कहा था।
– अरेस्ट लोगों में नौ बेल पर थे, जबकि बाकी 14 साल से जेल में हैं। 4 की मौत हो गई है। एसआइटी ने मामले में 335 विटनेस और 3000 डॉक्युमेंट्स पेश किए।
– गुलबर्ग सोसाइटी हत्याकांड गुजरात दंगों के 10 बड़े दंगों में है।
– इस हत्याकांड में 28 फरवरी, 2002 को 39 लोगों के शव गुलबर्ग सोसाइटी में मिले थे। बाकी 30 लोगों के शव नहीं मिलने पर 7 साल बाद उन्हें डेड मान लिया गया।
– मरने वालों में कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी भी थे।
जाकिया जाफरी ने क्यों कहा- अधूरा इंसाफ
– पूर्व सांसद अहसान जाफरी की वाइफ जाकिया जाफरी ने कहा- “अभी आधा इंसाफ मिला है। मैं खुश भी हूं और दुखी भी हूं।”
– “कोर्ट ने 36 लोगों को छोड़ दिया है। इसके लिए मैं आगे लड़ाई लडूंगी और मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाऊंगी।”
– ”करीब 15 बाद फैसला आया है। मुझे खुशी है कि 24 दोषी करार दिए गए हैं, लेकिन 36 को छोड़ दिया गया।”
कौन थे जाफरी?
– अहसान जाफरी मूल रूप से मप्र के बुरहानपुर के रहने वाले थे। इमरजेंसी के बाद हुए लोकसभा चुनाव में वह सांसद चुने गए थे।
– हत्याकांड से पहले अहमदाबाद के पुलिस कमिशनर पी सी पांडे गुलबर्ग सोसाइटी पहुंचकर पूर्व सांसद जाफरी से मिले और उनके परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की बात कही, लेकिन सोसाइटी के दूसरे लोग भी जाफरी के घर आकर जमा हो गए। इसलिए जाफरी ने उन लोगों को छोड़कर जाने से इनकार कर दिया था।
– यह जानकारी उनकी पत्नी जाकिया जाफरी ने कोर्ट में अपने बयान में दी थी।

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