शहीद का बाप बोला- टूट गई बुढ़ापे की लाठी, घर में अकेला कमाने वाला था

Allahabad City
इलाहाबाद. कश्‍मीर के पम्पोर में सीआरपीएफ की बस पर हुए आतंकी हमले में शहीद 8 जवानों में से इलाहाबाद का एक जवान राजेश कुमार था। राजेश घर के इकलौता कमाने वाला था। शहीद होने के बाद घर में बुजुर्ग मां-बाप, पत्‍नी-बच्‍चे और दिव्‍यांग भाई का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता ने कहा- टूट गई मेरे बुढ़ापे की लाठी
-शहीद राजेश कुमार इलाहाबाद से तकरीबन 40 किमी दूर मेजा तहसील के गांव नीबी शुकुलपुर के निवासी थे।
-उनकी शहादत की सूचना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया है।
-राजेश 40 सीआरपीएफ जम्‍मू के सोपोर में कुक के पोस्‍ट पर तैनात थे।
-पिता बिंद्रा प्रसाद (65) ने बताया कि राजेश घर में एकमात्र कमाने वाला लड़का था। उसका बड़ा भाई पैर से दिव्‍यांग है।
-उसके शहीद होने के बाद उनकी बुढ़ाने की लाठी ही टूट गई है।
6 साल पहले हुई थी राजेश की शादी
-राजेश कुमार की शादी 2010 में नानी में विभा देवी के साथ विवाह हुई थी।
-राजेश कुमार के दो बेटे हैं। इसके अलावा वो अपने पीछे बुजुर्ग मां-बाप, दिव्‍यांग भाई और पत्‍नी को छोड़ गए हैं।
-पूरे परिवार क पालन-पोषण राजेश कुमार की सैलरी से होती थी।
-पत्‍नी विभा की मांग है कि सरकार उसे कोई नौकरी दे दे, ताकि वो अपने बच्चों का पालन-पोषण कर सके।
कैसे हुआ हमला?
– सीआरपीएफ के आईजी नलिन प्रभात ने बताया, ”फोर्स की फायरिंग एक्सरसाइज से बस लौट रही थी। श्रीनगर की तरफ से दो आतंकी आ रहे थे। वे कार में थे। उन्होंने बस के सामने बीच सड़क पर कार रोक दी और फायरिंग शुरू कर दी। बस के आगे के दोनों टायर फट गए। इसके बाद वे कार से बाहर आए।”
– ”आतंकी बस में घुसने की कोशिश थे। लेकिन कुछ जवानों ने गोलियों की आवाज सुनकर बहादुरी से जवाबी फायरिंग की। मौके पर ही दो आतंकी मारे गए। दोनों आतंकी पाकिस्तानी थे। दोनों लश्कर से ही थे और फिदायीन हमलावर थे। उनके पास एके 47 राइफल थी।”

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