शहीद कमांडेंट को 6 साल की बेटी ने दी मुखाग्नि, तिरंगा फहराने के एक घंटे बाद श्रीनगर में 2 आतंकियों को अकेले मार गिराया था

Kashmir
जामताड़ा (झारखंड).श्रीनगर के नौहट्टा चौक पर सोमवार को आतंकी हमले में शहीद CRPF के कमांडेंट प्रमोद कुमार का शव मंगलवार को यहां मिहिजाम लाया गया। यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। 6 साल की बेटी ने उन्हें मुखाग्नि दी। सोमवार को हमले से पहले ही उन्होंने अपनी टुकड़ी से इंडिपेंडेंस-डे परेड की सलामी ली थी। कुछ ही देर बाद हमले की खबर आई और कुमार ने मोर्चा संभाल लिया। दो आतंकियों को अकेले मार गिराने के बाद वे शहीद हो गए। 11 दिन पहले भी उन पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। तिरंगा फहराने के एक घंटे बाद शुरू हुई मुठभेड़…
– प्रमोद कुमार ने उस दिन शहादत दी, जिस दिन देश 70वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मना रहा था। उन्होंने सुबह 8.29 बजे तिरंगा फहराया, उसके बाद अपने साथी जवानों को संबोधित किया।
– उन्होंने कहा था, ”हमारी जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं। चुनौती आतंकवादी और पत्थरबाज हैं। इनसे डट कर मुकाबला करना है और हम करेंगे। ये आपकी कड़ी मेहनत से संभव है। इसे पूरी लगन से करना होगा।”
– इसके एक घंटे बाद सुबह 9.29 बजे उनकी आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। टीम को वही लीड कर रहे थे।
– कुमार उस घर में घुसे जहां से आतंकी फायर कर रहे थे। बेहद करीब पहुंचने के बाद उन्होंने अपनी गन से दो आतंकियों को मार गिराया।
– सुबह करीब 11 बजे परिवार के पास फोन आया कि कमांडेंट प्रमोद को सिर में गोली लगी है और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
– शहीद कमांडेंट मूल रूप से बिहार के बख्तियारपुर के रहने वाले थे। उनका जन्म 15 अक्तूबर 1972 को हुआ था। वे जामताड़ा में पले-बढ़े।
– यहां उनके पिता रेलवे में थे। परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और सात साल की एक बेटी है।
डीसी, एसपी ने परिवार वालों को दी हिम्मत
– जामताड़ा के डिप्टी कमिश्नर रमेश कुमार दुबे और एसपी मनोज कुमार सिंह ने मिहिजाम जाकर शहीद के परिवार को दिलासा दी।
– यहां मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ शहीद कमांडेंट का अंतिम संस्कार होगा, जिसमें झारखंड सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर राज्य के कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह शामिल होंगे।
– सीआरपीएफ के डीजी दुर्गा प्रसाद भी जामताड़ा पहुंचे हैं।
पत्नी से कहा था- देश के लिए कुछ भी करूंगा
– शहीद कमांडेंट प्रमोद कुमार ने घटना से पहले की रात पत्नी नेहा त्रिपाठी से आखिरी बार बातचीत की थी।
– प्रमोद कुमार ने कहा था कि देश उनके लिए मां है और वो इसके लिए शहीद होने से परहेज नहीं करेंगे। देश की सिक्युरिटी के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।
– उन्होंने अपनी पत्नी को कहा था कि देखना एक दिन मुझे शौर्य चक्र मिलेगा। प्रमोद की पत्नी इंजीनियर हैं। दोनों की शादी आठ साल पहले हुई थी।
– पिछले साल 12 जुलाई को ही उनका कमांडेंट के पद पर प्रमोशन हुआ था और अब श्रीनगर से दूसरी जगह ट्रांसफर होने वाला था।
बेटी के डांस का वीडियो देख कर काफी खुश हुए थे
– शहीद प्रमोद कुमार ने घटना से पहले की रात अपनी छह साल की बेटी आरना के डांस का वीडियो देखा था।
– डांस देखकर काफी खुश हुए थे। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा था कि आरना अच्छे से डांस सीख रही है। उसका ख्याल रखना।
एसपीजी में भी रह चुके थे प्रमोद
– शहीद कमांडेंट एक जनवरी 1998 को सीआरपीएफ में शामिल हुए थे। वे 2011 से 2014 तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एसपीजी में भी थे।
– आतंकियों से मुठभेड़ में सिक्युरिटी फोर्सेस ने पांच आतंकवादी मार गिराया, जिसमें दो को अकेले प्रमोद कुमार ने ढेर किया।

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