कौशांबी: मूर्ति विसर्जन को लेकर बवाल-तोड़फोड़, एसपी सहित पांच जख्मी, फोर्स तैनात

Allahabad City
कौशांबी.यहां मूर्ति विर्सजन के लिए जाने वाला रास्ता रोके जाने से जमकर बवाल हुआ। डीएम और एसपी की मौजूदगी में भड़के लोगों ने पथराव किया। जवाब में पुलिस ने भी पथराव और लाठीचार्ज किया। घटना में एसपी, एसओ समेत पांच पुलिसवाले जख्मी हुए हैं। पुलिस के आधा दर्जन वाहन को भी लोगों ने तोड़ डाला। लाठीचार्ज के दौरान करीब दर्जन भर ग्रामीण भी जख्मी हैं। गांव में तनाव को देखते हुए तीन जिलों से फोर्स बुलाई गई है। पुलिस और पीएसी के जवाब कांबिग कर रहे हैंं। वहीं, दूसरी तरफ ग्रामीण भी पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए खेतों में डटे हैं। हालात फिलहाल समान्य नहीं है। क्‍या है पूरा मामला…
– करारी थाने के रक्सवारा गांव के मजरा कटरा और रामपुर में मूर्ति स्थापित थी।
– इन मूर्तियों का विर्सजन रक्सवारा गांव के रास्ते से बेरई तालाब में किया जाना था।
– जिस रास्ते से प्रतिमा आनी थी उसी रास्ते पर ताजिया था।
– ताजियादारों की तरफ से कटरा के महताब और आशिक ने पुलिस से शिकायत कर रास्ते का विरोध किया।
– इस पर पहुंची पुलिस ने दोनों वर्ग के लोगों को बैठाकर सुलह कराई।
– समझौता हुआ कि मंगलवार की दोपहर दो बजे तक लोग विर्सजन कर लेंगे। इसके बाद ताजियादार मातम करते हुए अपना जुलूस निकालेंगे।
बवाल की आशंका पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची
– रक्सवारा की मूर्ति का विर्सजन हो गया, लेकिन कटरा वाली मूर्ति दोपहर तीन बजे रास्ते पर पहुंची। इसका विरोध दूसरे वर्ग के लोगों ने किया।
– वह लोग रास्ते में मातम कर रहे थे। बवाल होने की आशंका पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची।
– ताजियादार किसी कीमत पर रास्ता खाली करने के लिए राजी नहीं थे। इस पर डीएम और एसपी भी पहुंचे।
– रात 11 बजे डीएम ने कहा कि मूर्ति उस रास्ते से नहीं निकलेगी तो लोग ताजिया को भी इमामबाड़ा पहुंचने देने की बात कहने लगे।
आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया
– बाद में पुलिस ने सारे रास्तों पर अपना सरकारी वाहन खड़ा कर दिया और ताजिया को निकालने दिया।
– इससे आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस के छह वाहन और एक मीडियाकर्मी का वाहन लोगों के गुस्से का शिकार हुआ।
– जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में कटरा गांव के लाला जायसवाल, बुधई समेत दर्जन भर लोगों को चोट आई है।
गांवों में फैली बात, भड़क उठे लोग
– बुधवार की सुबह जब बात आसपास के गांवों में फैली तो आक्रोश भड़क उठा।
– हजारों की संख्या में लोग गांव में घुसने की कोशिश करने लगे। स्थिति‍ बेकाबू देख फतेहपुर, इलाहाबाद से फोर्स मंगाई गई।
– लोगों को गुस्सा था कि वह लोग ताजिया को दफन नहीं होने देंगे। इसे लेकर पुलिस ने दूसरे वर्ग के लोगों से बात करके बीच का रास्ता निकाला।
– पुलिस ने अपने वाहन में पांच लोगों को बैठाया और कर्बला ले गए।
– यहां इमामबाड़े से लाए गए फूल को दफन किया गया।
– फतेहा पढ़कर औपचारिकता निभाई गई। गांव में तनाव को लेकर फोर्स कांबिग कर रही है।
– बवाल करने वाले चार लोग हिरासत में लिए गए है। पुलिस और ग्रामीणों के बीच सारा दिन रुक रुक कर पत्थरबाजी होती रही।
साल भर से उसी रास्ते से निकलती थी प्रतिमा
– कटरा गांव में सात साल से दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जाती है। पहले यहां से प्रतिमा गंगा नदी में प्रवाहित की जाती थी।
– नदी में विसर्जन पर कोर्ट ने रोक लगाई तो यहां की प्रतिमा बेरुई तालाब में विसर्जित की जाने लगी।
– यह प्रतिमा नहर के रास्ते तालाब में ले जाई जाती थी। पिछले साल से प्रतिमा रक्सवारा गांव के रास्ते बेरई ले जाई जाने लगी। इसी का इस बार दूसरे वर्ग के लोग विरोध कर रहे थे।
स्टार्ट गाड़ी छोड़कर भागे तहसीलदार
– बवाल की सूचना पर मंझनपुर के तहसीलदार भी फोर्स के साथ पहुंचे थे। लोगों ने उनकी गाड़ी में पथराव किया तो उनका स्टाफ गाड़ी स्टार्ट छोड़ कर भाग निकला। बाद में तहसीलदार को भी भागना पड़ा।
वाहनों में भी हुई तोड़फोड़
लोगों के गुस्से का शिकार सड़क से निकलने वाले वाहन भी बने। तीन बिक्रम को भी बुधवार को तोड़ डाला गया।
वाहनों की हुई चेकिंग
रक्सवारा गांव को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया था। जो वाहन गांव की तरफ आ रहे थे उनकी चेकिंग के बाद ही गांव में घुसने की इजाजत दी जा रही थी।

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