सपा में नहीं सुलझा झगड़ा, रामगोपाल बोले- एक आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है

Lucknow
लखनऊ.समाजवादी पार्टी में चल रहा पारिवारिक विवाद फिलहाल सुलझता नजर नहीं आ रहा है। 9 में से 7 डिपार्टमेंट छीने जाने से नाराज शिवपाल यादव मुलायम सिंह से मिलने के बाद नरम पड़ गए हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि अखिलेश का रुख अभी भी सख्त है। इस बीच गुरुवार को राज्यसभा में सपा के नेता रामगोपाल यादव अखिलेश को मनाने पहुंचे। उन्होंने कहा- ”अखिलेश को पार्टी की प्रदेश इकाई के प्रेसिडेंट की पोस्ट से हटाकर नेतृत्व ने गलती की है।” बता दें कि दो दिन पहले मुलायम ने अखिलेश से यह पद छीनकर शिवपाल को दे दिया था। रामगोपाल ने किसी का नाम लिए बगैर यह भी कहा, ‘एक आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है।’ बुधवार को अखिलेश ने भी कहा था, ‘बाहरी लोग हस्तक्षेप करेंगे तो पार्टी कैसे चलेगी?’ मुलायम से बातचीत नहीं कर रहे हैं अखिलेश? अब वन-टू-वन मुलाकात…
– बताया जा रहा है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच झगड़े को खत्म करने के लिए मुलायम सिंह ने एक फॉर्मूला बनाया है।
– बुधवार को शिवपाल को दिल्ली बुलाकर 3 घंटे बातचीत की, लेकिन अखिलेश वहां नहीं पहुंचे।
– ऐसे में शुक्रवार को खुद मुलायम लखनऊ आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे अखिलेश से वन-टू-वन बात करेंगे।
– बुधवार को मुलायम से दिल्‍ली में मीटिंग से पहले शिवपाल ने सैफई में इस बात के संकेत दिए थे कि वे अखिलेश के अंडर में काम नहीं कर पाएंगे।
– वहीं, अब चर्चा ये भी है कि अखिलेश यादव ने मुलायम और शिवपाल से बातचीत बंद कर दी है।
रामगोपाल से मीडिया के सीधे सवाल
Q. सपा में बाहरी दखल की बात कितनी सही है?
A.
शुरू से एक आदमी पार्टी को बर्बाद करने पर आमादा है। एक आदमी पार्टी को नुकसान पहुंचाने में लगा है। नेताजी की सरलता का कुछ लोग फायदा उठा लेते हैं।
Q. विवाद खत्म हुआ या नहीं, क्या संसदीय बोर्ड की बैठक होगी?
A.
संसदीय बोर्ड की बैठक की क्या जरूरत है। अखिलेश किसी से नाराज नहीं हैं। पहले भी उन्होंने काफी कुछ सुना है। लेकिन उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं आई।
Q. चूक कहां हुई?
A.
अखिलेश से (यूपी पार्टी चीफ के पद से) इस्तीफा देने की बात कही जानी थी। वे इस्तीफा दे देते। उन्हें कहा जा सकता था कि चुनाव आ रहे हैं। आप सीएम पद पर बने रहें और प्रदेश अध्यक्ष का कामकाज वे (शिवपाल) संभालेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मुझे आदेश जारी करने को कहा गया। कुछ गलतफहमी हुई। इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ।
मुलायम ने कहा- शिवपाल अध्यक्ष बने रहेंगे
– इस बीच मुलायम सिंह ने कहा कि शिवपाल हमेशा खुशमिजाज रहते हैं। जमीनी नेता हैं। वो प्रदेश अध्‍यक्ष बने रहेंगे।
– उधर मायावती ने सलाह दी है कि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह को संन्‍यास ले लेना चाहिए।
मुलायम ने शिवपाल को मनाया
– सपा में कई दिनों से जारी झगड़ा बुधवार शाम शांत होता दिखा था। मुलायम सिंह ने नाराज चल रहे अपने छोटे भाई शिवपाल यादव को मंत्री पद से इस्तीफा न देने के लिए मना लिया।
– हालांकि, अखिलेश के तेवर नर्म नजर आए। दोपहर में उन्‍होंने सरकार में बाहरी दखल का जिक्र किया। कुछ लोगों ने ये इशारा अमर सिंह की तरफ होने का अंदाजा लगाया।
– अमर सिंह ने मीडिया के सामने यह भी कहा कि वो अखिलेश को बच्चा समझते थे, लेकिन अब वो बड़े हो गए हैं।
शिवपाल की हर बात में ‘नेताजी’
– सपा के यूपी प्रेसिडेंट बनाए जाने के कुछ घंटों बाद ही राजस्व, सिंचाई और पीडब्ल्यूडी जैसे बड़े विभाग छीन लिए जाने से शिवपाल नाराज बताए जा रहे थे।
– मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें अखिलेश से नाराज बताया गया। ये भी कहा गया कि वो कैबिनेट से इस्तीफा दे सकते हैं।
– सैफई में बुधवार सुबह शिवपाल ने कहा कि जो नेताजी कहेंगे वही होगा। शाम को मुलायम से बातचीत के बाद कहा कि नेताजी नेशनल प्रेसिडेंट हैं, उन्‍होंने मुझे यूपी प्रेसिडेंट बनाकर जिम्‍मेदारी सौंपी है।
– उन्‍होंने जो जिम्‍मेदारी दी है, उसका मैं पालन करूंगा।
– वहीं, अखिलेश ने कहा- ‘ये परिवार का नहीं, सरकार का झगड़ा है। बाहरी लोग हस्तक्षेप करेंगे तो पार्टी कैसे चलेगी। कुछ फैसले नेताजी के कहने से तो कुछ मैंने खुद लिए।’
– अखिलेश के इसी बयान को अमर सिंह से जोड़कर देखा गया।
अमर सिंह ने कहा- अखिलेश हो गए हैं समझदार
– अखिलेश के बयान पर अमर सिंह ने कहा, ‘मैं अखिलेश को बच्चा समझता था, लेकिन अब वो समझदार हो गए हैं।’
– ‘मैं किसी तरह का कोई विवाद नहीं चाहता हूं। नेताजी जो चाहेंगे, वो करूंगा। अगर उन्‍हें लगता है कि मैंने कुछ गलत किया है तो वे मुझसे कहेंगे।’
– ‘मुलायम सिंह कहेंगे तो खुद को दोषी मान लूंगा। मैं राजनीतिक रूप से उलझता नहीं हूं, इसलिए लोग जलते हैं।’
– ‘नेताजी मुझे प्यार करते हैं और यही सबकी समस्या है। अखिलेश मेरे बेटे जैसा है।’

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