कश्मीर में हिंसा से 16 मौतें: अमरनाथ यात्रियों से मारपीट, महिलाओं से बदसलूकी

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श्रीनगर.हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पुलवामा, अनंतनाग और श्रीनगर समेत 10 जिलों में कर्फ्यू के बावजूद हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है। सिक्युरिटी फोर्सेस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 200 लोग घायल हैं। तनाव के कारण लगातार दूसरे दिन भी अमरनाथ यात्रा रुकी हुई है। अलग-अलग जगहों पर करीब 5000 श्रद्धालु फंसे हैं। 8 श्रद्धालुओं ने भास्कर को फोन पर बताया कि अमरनाथ यात्रियों से मारपीट और महिलाओं से बदसलूकी की गई। रात के समय हुई लूट…
– पंजाब के समाना के प्रदीप शर्मा, सुरेश कुमार, रामेश्वरदास, नरेश कुमार, ऑस्ट्रेलिया में पर्थ निवासी एनआरआई अमित कुमार सैनी, खन्ना के जगजीत सिंह, लुधियाना के विश्वनाथ अग्रवाल और हैदराबाद के राम सिंह अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं।
– इन श्रद्धालुओं ने बताया कि शुक्रवार रात को ही श्रीनगर रोड पर काजीगुंद-अनंतनाग के पास स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा के काफिले पर हमले शुरू कर दिए।
– बसों-कारों के शीशे तोड़े गए। महिलाओं को बेइज्जत किया। मारपीट भी की। काजीगुंद में हिसार की एक समिति के लगाए लंगर स्थान पर सैकड़ों श्रद्धालु फंसे हुए हैं। बाहर कर्फ्यू है। यात्रा बंद है। रात के समय स्थानीय लोगों ने यात्रियों से लूट-खसोट की जा रही है।
– सुरक्षा बलों के पहुंचने के बाद भी स्थानीय लोग पथराव कर रहे हैं। अनंतनाग के पास भी लोग पत्थर बरसा रहे हैं। कुछ श्रद्धालु जख्मी हुए हैं।
– 2 हजार श्रद्धालु केलामोड रामबन के पास सड़कों पर फंसे हुए हैं।
– एक श्रद्धालु ने बताया, ”न सेना आगे जाने दे रही है, न हम पीछे मुड़ सकते हैं। जगह-जगह हाईवे जाम है। खाने को कुछ नहीं बचा है। जो लोग गाड़ियों के साथ अनंतनाग पहुंच चुके थे, वे लौट रहे हैं। ज्यादातर गाड़ियों के शीशे टूटे हुए दिखे।”
– ”बहुत से यात्री जख्मी भी थे। रामबन में करीब 2 हजार के करीब श्रद्धालु हैं। रास्ते में भी कई लोग फंसे हैं। कोई मेडिकल फैसिलिटी नहीं है, स्थानीय पुलिस मदद कर रही है। राशन की सप्लाई रुकने से लंगर में खाना नहीं मिल रहा।”
कब मारा गया बुरहान?
– हिजबुल के पोस्टर ब्वॉय और कमांडर बुरहान को शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस और राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने मार गिराया था।
– 22 साल का बुरहान 15 साल की उम्र में आतंकी बना था। पिछले कुछ महीनों से बुरहान साउथ कश्मीर में बहुत एक्टिव था। उसने यहां के कई पढ़े-लिखे यूथ्स को बरगला कर आतंकी बनाया था।
– कश्मीरी यूथ को रिक्रूट करने के लिए वह फेसबुक-वॉट्सऐप पर वीडियो और फोटो पोस्ट करता था।
– इनमें वो हथियारों के साथ सिक्युरिटी फोर्सेस का मजाक उड़ाते हुए नजर आता था।
– वानी को भड़काऊ स्पीच देने और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने में एक्सपर्ट माना जाता था।
स्कूलों की बोर्ड एग्जाम टली
– पुलिस के मुताबिक, सिक्युरिटी फोर्सेस के साथ झड़प में 2 लोेग मारे गए। जब प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया तो फोर्सेस को गोली चलानी पड़ी।
– रोक के बावजूद सैकड़ों लोग बुरहान के सुपुर्द-ए-खाक में इकट्ठा हुए थे।
– घाटी में बवाल के चलते बनिहाल तक जाने वाली ट्रेन भी रद्द कर दी गई।
– पुलिस अफसर एसएम सहाय ने बताया कि साउथ कश्मीर में हालात खराब हैं। घायलों में 90 से ज्यादा सिक्युरिटी पर्सनल हैं।
– अलग-अलग बेस कैम्प पर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। मोबाइल-इंटरनेट सर्विस बंद कर दी गई है। स्कूलों की बोर्ड एग्जाम टाल दी गई है।
– कश्मीर घाटी के बारामूला से जम्मू के बनीहाल के बीच ट्रेनें रोक दी गई हैं।
– साउथ कश्मीर से गुजरने वाले श्रीनगर-जम्मू नेशनल हाईवे को भी बंद रखा गया है।
केंद्र ने कहा- बुरहान का मारा जाना बड़ी कामयाबी
– हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के एनकाउंटर को केंद्र सरकार ने सही बताया है। सूत्रों की मानें तो बुरहान कई मामलों में शामिल था और घाटी में बड़े पैमाने पर आतंकियों को रिक्रूट करता था।
– ऐसे में सिक्युरिटी एजेंसियों द्वारा उसके एनकाउंटर को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
– जम्मू-कश्मीर में तनाव से निपटने के लिए 1200 पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है।
– अफसरों का कहना है कि लोग वानी के मारे जाने का इसलिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं क्योंकि वह आतंकी एक्टिविटीज के लिए एक पोस्टरब्वॉय की तरह था।
– अफसर मानते हैं कि वानी के एनकाउंटर का फैसला एकदम सही था।
– वानी को मारने के पीछे उसके फॉलोअर्स को ये मैसेज देना भी बताया जा रहा है कि हथियार उठाना कितना खतरनाक हो सकता है।
– हालांकि, उसके मारे जाने के बाद लॉ एंड ऑर्डर सिचुएशन के लिए परेशानी खड़ी हुई लेकिन उसे संभाल लिया गया।
कुछ खतरे भी हैं
– हालांकि, अफसर ये भी मानते हैं कि वानी को मारने के बाद सीमापार से कुछ खतरे भी हो सकते हैं।
– पाकिस्तान और कुछ आतंकी गुट वानी को ‘शहीद’ घोषित कर भारत पर कश्मीरियों पर दबाव बनाने का आरोप लगा सकते हैं।
– एक सीनियर अफसर की मानें तो एक आतंकी, सिर्फ आतंकी होता है। उसके साथ इसी तरह पेश आना चाहिए। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह इंटरनेट यूजर है या फिर अनपढ़। उसकी पॉपुलैरिटी से सिक्युरिटी फोर्सेस के ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
आतंकियों से सीधा जुड़ा था बुरहान
– सिक्युरिटी ऑफिशियल्स का कहना है कि बुरहान का आतंकी हमलों में सीधा इन्वॉल्वमेंट था। वह यूथ्स को जिहादी बनाने में लगा था। जो हमला करते थे, वो हमेशा हथियार लेकर नहीं चलते थे। उन्हें वानी का पूरा सपोर्ट था।
बुरहान का मारा जाना बड़ी कामयाबी कैसे?
– बुरहान आतंकियों को भर्ती करने में जुटा था। पाकिस्तानी आकाओं पर डिपेंड रहने की बजाय उसने आतंकियों का स्थानीय लीडरशिप खड़ा करने पर फोकस किया।
– डिफेंस एक्सपर्ट्स की मानें तो घर में ही आतंकी तैयार करने का यह ट्रेंड ज्यादा खतरनाक है। उसकी मौत के साथ ही इस नेटवर्क की एक अहम कड़ी टूट गई। उस जैसा शॉर्प बैकअप खड़ा करने में हिजबुल मुजाहिदीन को समय लगेगा।
सिक्युरिटी फोर्सेस का हौसला हुआ मजबूत
– पिछले 6 साल के दौरान बुरहान 60 से ज्यादा युवाओं को आतंकवादी बना चुका था।
– ये लोग पुलिस-सुरक्षा बलों से हथियार छीनते और आसपास के बागों में ट्रेनिंग लेते। अक्सर सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो शेयर करते।
– इलाके में रहने और 10 लाख के इनाम के बावजूद बुरहान पकड़ से दूर था। ऐसे में नए आतंकी बनने से रोकने के लिए उसे पकड़ना या मारना सिक्युरिटी फोर्सेस के लिए चुनौती था।
पुलिस और फौज का तालमेल बढ़ा
– आमतौर पर फौज और राज्य पुलिस के बीच तालमेल की कमी चर्चाओं में रहती है। लेकिन पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर दोनों बलों ने जिस तालमेल के साथ इस अभियान को अंजाम दिया, वह भविष्य के ऑपरेशन्स के लिहाज से एक अच्छा संकेत है।

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