इंडिपेंडेंस-डेः मोदी ने लाल किले से स्पीच का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, 94 मिनट बोले; कहा- गरीब की थाली कभी महंगी नहीं होने दूंगा

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नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 70th इंडिपेंडेंस-डे पर स्पीच दी। इस दौरान उन्होंने वर्क कल्चर और सुराज का जिक्र कर अपनी सरकार द्वारा किए गए 25 से ज्यादा काम और योजनाएं बता दीं। महंगाई पर कहा- गरीब की थाली महंगी नहीं होने दूंगा। ऐसा पहली बार हुआ जब किसी पीएम ने इंडिपेंडेंस-डे की स्पीच में पीओके का जिक्र किया। भारत के प्रति सम्मान दिखाने के लिए गिलगित-बलूचिस्तान के लोगों का शुक्रिया अदा किया। पढ़ें मोदी की स्पीच की बड़ी बातें…
– मोदी ने लाल किले से दी अब तक की अपनी तीन स्पीच में पहली बार पाक पर निशाना साधा।
– उन्होंने कहा, ”मैं दुनिया के सामने दो चित्र रखना चाहता हूं। विश्व को कहता हूं कि जरा तराजू से तौल कर देखिए। पेशावर में आतंकवादियों ने निर्दोष बच्चों को स्कूल में मौत के घाट उतार दिया था।”
– ”इस घटना पर हिंदुस्तान की संसद की आंखों में आंसू थे। हर बच्चा पेशावर के बच्चों की मौत का सदमा महसूस कर रहा था।”
– ”और जरा देख लीजिए। वहां आतंकियों को ग्लोरिफाई करने का काम होता है। जब निर्दोष लोग मारे जाते हैं, तो जश्न मनाए जाते हैं। ये कैसी मानवता है? ये दुनिया भली-भांति समझ लेगी।”
– बता दें कि तीसरी बार भी मोदी लाल किले पर साफा पहन कर पहुंचे थे। इस बार भी उनका साफा राजस्थान के जोधपुर से आया था। जोधपुर का प्रसिद्ध गजशाही साफा करीब 9 मिनट लंबा होता है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
बलूचिस्तान-पीओके के लोगों का शुक्रिया कहा
– यह पहला मौका था जब लाल किले से पीएम की स्पीच में पीओके और बलूचिस्तान का जिक्र किया गया। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
– मोदी ने कहा, ”पिछले कुछ दिनों में बलूचिस्तान और पाक के कब्जे वाले इलाके के लोगों ने जिस तरह से मुझे बहुत-बहुत धन्यवाद दिया है इस पर मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।”
– आपको बता दें कि मोदी ने कश्मीर मसले पर ऑल पार्टी मीटिंग में कहा था कि पीओके भी भारत का हिस्सा है। इस पर पीओके और बलूचिस्तान के लोगों ने मोदी का शुक्रिया अदा किया था।
सबसे लंबी स्पीच का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा
– मोदी ने इस बार लाल किले से 94 मिनट तक स्पीच दी। यह लाल किले से स्वतंत्रता दिवस की सबसे लंबी स्पीच रही। पिछली बार उन्होंने 86 मिनट 10 सेकंड की स्पीच देकर पंडित जवाहर लाल नेहरू के 1947 में दिए 72 मिनट के भाषण का रिकॉर्ड तोड़ा था।
– मोदी ने अपनी स्पीच सुबह 7.34 बजे पर शुरू की थी और 9.08 बजे खत्म की। बता दें कि पिछले दिनों जब मोदी ने देशवासियों से अपनी स्पीच को लेकर सुझाव मांगे थे, तो आरुणि त्रिवेदी नाम के एक शख्स ने कहा था- आप अपनी स्पीच 30 मिनट में खत्म कर लें।
दो बड़े एलान
1- फ्रीडम फाइटर्स के परिवार को मिलने वाली सम्मान राशि में 20% इजाफे का एलान किया है।
2- गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले शख्स का सालभर में एक बार एक लाख रुपए तक के इलाज का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
यूपी-पंजाब का जिक्र
– पीएम ने कहा, ”गन्ना किसानों का बकाया यूपी में हमेशा सुर्खियों में रहता था। हजारों करोड़ का बकाया रहता था। हमने 99.5% बकाया चुकता कर दिया। बाकी भी आने वाले वक्त में चुका दिया जाएगा।”
– मोदी ने कहा, ”देश गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती मनाने की तैयारी कर रहा है। देश के लिए बलिदानों की गाथा, सिख गुरुओं की परंपरा देश कैसे भूल सकता है।”
– ”गुरु गोबिंद सिंहजी कहते थे- ”जिस हाथ ने कभी सेवा नहीं की हो, जिस काम को करते-करते हाथ में गांठें न बन गई हों, उस काम को मैं पवित्र कैसे कह सकता हूं?”
– मोदी ने कहा, ”मैं किसानों को याद करता हूं। उनसे बढ़कर पवित्र हाथ, पवित्र ह्दय और पवित्र मकसद कोई दूसरा कैसे हो सकता है?”
कहा- सरकार के काम पर नहीं, वर्क कल्चर पर बोलूंगा, फिर भी काम पर ज्यादा बोले
– मोदी ने स्पीच की शुरुआत में ही कहा कि “दो साल में अनगिनत काम हुए हैं। उन पर बात करूंगा तो हफ्तों लग जाएंगे। लेकिन आज मैं अपनी सरकार के कार्य की नहीं, इस सरकार की कार्य संस्कृति (वर्क कल्चर) के प्रति ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं।” हालांकि, इसके बाद मोदी ने ढाई साल में केंद्र सरकार के द्वारा किए हुए 25 से अधिक काम और योजनाएं गिना दीं।

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